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'भाईजान' के घर से मिला विस्फोट और हथियारों का जखीरा

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पुलिस और सेना ने भाईजान के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ, कई घातक हथियार एवं हथियार बनाने की मशीनें बरामद की हैं। एनआईए तक मामला पहुंच गया है। मामला हिमाचल के सिरमौर जिले का है। नाहन शहर के पाश एरिया में 15 अगस्त के दिन जिस घर में जोरदार धमाका हुआ था वहां से पुलिस और सेना ने भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ, कई घातक हथियार एवं हथियार बनाने की मशीनें बरामद की हैं।
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पुलिस ने घर से तीन सगे भाईयों को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ही नहीं बल्कि सेना की इंटेलिजेंस और आईबी भी सतर्क हो गई है। पुलिस अधीक्षक सौम्या साम्बशिवन के अनुसार 15 अगस्त के दिन सुबह के समय नाहन के शमशेर गंज मोहल्ला निवासी इमरान शेख पुत्र स्व. शेख इम्तियाज उर्फ भाईजान के घर में विस्फोट होने के बाद जब पुलिस पहुंची तो घर के अंदर 220 किलो छर्रे, तीन हजार कारतूस, चार टोपीदार बंदूकें, बंदूक बनाने की सामग्री, विस्फोटक पदार्थ, गन पाऊडर, सल्फर, कार्बन सहित कई घातक वस्तुएं बरामद की गई।

बरामद विस्फोटक सामग्री की हो रही फोरेंसिक जांच

पुलिस ने शस्त्र अधिनियम की धारा 25, 26, 54/59 के तहत मुकदमा दर्ज कर ईमरान शेख और उसके दोनों भाईयों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने भाईजान के नाम पर गुन्नूघाट बाजार में गिरफ्तार किए गए भाईयों की शस्त्र की दुकान भी सील कर दी है। बरामद विस्फोटक सामग्री की फोरेंसिक विशेषज्ञ जांच कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बरामद सामान को रिहायशी घर में रखा गया था। जबकि गन की दुकान के लाईसेंस की पुलिस जांच कर रही है।

उन्होंने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। विदित रहे कि गिरफ्तार किए गए तीनों भाईयों के पिता स्व. भाईजान लंबे समय से हथियारों के कारोबार से जुड़े हैं। उन्हें कई बार प्रदेश के बाहर की पुलिस भी पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर ले गई थी। लेकिन शनिवार को उनके रिहायशी मकान में विस्फोट होने के बाद आसपास के लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस में की। पुलिस की जांच के बाद ही हथियारों के इतने बड़े अवैध कारोबार का खुलासा हुआ।

लाइसेंस होल्डर की भी आठ माह पहले हो चुकी है मौत

शमशेर गंज मोहल्ले के जिस रिहायशी मकान से पुलिस और सेना ने भारी मात्रा में अवैध गोली बारूद बरामद किया है उनकी बंदूक की दुकान का लाइसेंस भी एक्सपायर हो चुका है। इतना ही नहीं लाइसेंस होल्डर शेख इम्तियाज उर्फ भाईजान की भी 8-9 माह पहले मौत हो चुकी है। लेकिन उसके बेटे बंदूक की दुकान धड़ल्ले से चला रहे थे। एएसपी विनोद कुमार धीमान ने इसकी पुष्टि की।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार हाई सिक्योरिटी-डे 15 अगस्त को इमरान शेख के घर में विस्फोट न होता तो शायद इसका खुलासा न हो पाता। विस्फोट की सूचना आग की तरह फैली और कुछ ही समय में चंडी मंदिर स्थित सेना इंटेलिजेंस सहित आईबी, सीआईडी और स्थानीय पुलिस ने पूरी बिल्डिंग को घेर लिया और घर के भीतर की सघन जांच शुरू कर दी।
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आतंकी हमले की साजिश तो नहीं!

सूत्र बताते हैं कि सेना और आईबी नाहन में पटाखे बनाने वाली अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कड़ी नजर रखे हुए हैं और उनके गोदामों ओर फैक्टरियों की जानकारी एकत्र की जा रही है। इमरान शेख के घर से पोटाशियम नाईट्रेड, सल्फर और कार्बन पाऊडर मिलने से साफ है कि संलिप्त आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री किसके लिए तैयार कर रहे थे। रिहायशी मकान में इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और घातक हथियार क्यों छिपाकर रखे गए थे।

गन एवं बंदूकों के कई कलपुर्जे जिन्हें पुलिस भी नहीं पहचान पाई वह कहां से निर्यात किए जा रहे थे। वार्ड नंबर-6 के अंतर्गत रिहायशी मकान होने के कारण पुलिस जांच के दौरान स्थानीय पार्षद संजय गोयल मौके पर मौजूद थे। सेना और पुलिस की कार्रवाई शनिवार देर रात तक चली। पुलिस ने गन की दुकान के बाहर 24 घंटे के लिए कड़ा पहरा लगा दिया है।
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