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बेसुध हो गईं पत्नी, मां-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
राकेश कुमार अमर रहे के नारे गूंजे, सेना के जवानों ने ढांढस बंधाया
‘जब तक सूरज चांद रहेगा राकेश तेरा नाम रहेगा’ के नारों से माहौल गुंजा
रामनाथ शर्मा
शाहतलाई (बिलासपुर)। शहीद का पार्थिव शरीर करीब 2.42 बजे घर पहुंचा। शहीद को देखकर पत्नी ममता बेसुध हो गई, जबकि राकेश कुमार की मां, बहनों और बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल था। उनके पिता चिरंजी लाल चुपचाप आंगन में बैठे रहे। अंतिम रस्में निभाईं गई। पिता को तिरंगे में लिपटा देखकर दोनों बेटे की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। सेना के जवानों ने उन्हें ढांढस बंधाया। करीब 3.16 बजे अंतिम यात्रा शुरू हुई। भारत की जय और जब तक सूरज चांद रहेगा राकेश तेरा नाम रहेगा के नारों से माहौल गुंजायमान हो गया। राकेश कुमार अमर रहे के नारे भी लगाए गए।
शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचने के बाद सभी रस्मों को अदा किया गया। इस मौके पर माता ने बेटे के अंतिम दर्शन किए और लाल रंग का तिलक लगा कर अपने बहादुर बेटे को अंतिम बार देख कर विदा किया।
वहीं राकेश की पत्नी ममता भी अंतिम दर्शन को पहुंची। पहले तो जोर-जोर से रोई, बाद में किसी तरह अपने आप को संभाला और पति को गौर से निहार व माथा चूम कर अपने बहादुर पति को अंतिम बार देख कर विदाई दे दी। इसी दौरान बेटों ने भी पिता को देखा। पिता को देख कर दोनों बेटों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे।
हेलीकॉप्टर से लाया गया पार्थिव शरीर
किन्नौर के पूह से शहीद राकेश का शव हेलीकाप्टर से पैत़ृक गांव लाया गया। इस दौरान सेना के जवान भी मौजूद रहे। हेलीपैड पर प्रशासन की ओर से एसीटूडीसी पूजा चौहान और पूर्व सहकारिता मंत्री रिखी राम कौंडल भी उपस्थित रहे।
शहीद राकेश हवलदार को कै. अविनाश कपूर, पुलिस से डीएसपी राजेंद्र जसवाल, एडीएम राजीव कुमार, विधायक जीतराम कटवाल, विधायक राजेंद्र गर्ग, प्रदेश पूर्व सैनिक अध्यक्ष प्रकाश चंद, कर्नल जसवंत सिंह और थाना प्रभारी श्याम प्रसाद ने भी श्रद्धांजलि दी। पूर्व सहकारिता मंत्री रिखीराम कौंडल, पूर्व विधायक डॉ. बीरू राम किशोर, भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश गौतम पूर्व बीडीसी उपाध्यक्ष राजकुमार कौंडल, नायब तहसीलदार झंडूता प्रेम धीमान, एसएसओ श्याम प्रसाद और विवेक कुमार आदि मौजूद रहे।
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