भगवान बुद्ध की नगरी बौद्धगया के दस मासूम बच्चों को बहला फुसलाकर गुरु पदमसंभव की कर्मस्थली रिवालसर में बाल मजदूरी करवाई जा रही थी। स्थानीय चाइल्ड हेल्पलाइन ने इन बच्चों को ढाबों और रेस्तरां मालिकों से मुक्त कराया।
कुछ बच्चों ने बयान दिया है कि रिवालसर का एक व्यक्ति उन्हें उनके घर से पढ़ाई करवाने के नाम पर लाया गया था जबकि उनसे मजदूरी करवाई जा रही है। अब इन बच्चों को सुंदरनगर बाल आश्रम भेजा गया है। इनका मेडिकल करवाया जाएगा।
मंडी चाइल्ड हेल्पलाइन को मुंबई से अज्ञात लोगों ने बच्चों के बारे में फोन पर सूचना दी। इस पर चाइल्ड हेल्पलाइन ने श्रम अधिकारी, एसडीएम सदर तथा एएसपी मंडी को इस बारे में सूचित कर उनसे बच्चों को मुक्त कराने की अनुमति मांगी।
इसके पश्चात चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान पाया गया कि रिवालसर के अधिकांश ढाबों और रेस्तराओं में बाल मजदूरी करवाई जा रही है।
चाइल्ड लाइन ने छुड़वाए बच्चे
चाइल्ड हेल्पलाइन मंडी के केंद्रीय समन्वयक मूलराज ने बताया कि सोमवार को पुलिस चौकी रिवालसर के एएसआई चिरंजी लाल की अगुवाई में पुलिस की मदद से सभी दस बच्चों को ढाबों और रेस्तरां से मुक्त कराया।
इन बच्चों ने आपबीती दास्तां बताई कि रिवालसर का एक व्यक्ति उन्हें यह कहकर लाया था कि उन्हें स्कूल में पढ़ाया जाएगा जबकि उसने उनके मां-बाप को प्रति बच्चा दो-दो हजार रुपये अदा किए। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष चंद्र सिंह ने बताया कि बच्चों को सुंदरनगर बाल आश्रम भेज दिया है। ढाबा मालिकों पर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है।