शिमला। राजधानी में मुख्यमंत्री के ओकओवर स्थित सरकारी आवास से चंद मीटर दूर ग्रीन एरिया के बीचोंबीच गुपचुप तरीके से एक सड़क तैयार की जा रही है। सड़क बनाने की इतनी जल्दबाजी है कि टेंडर अभी हुआ भी नहीं है कि मौके पर आधे से ज्यादा काम पूरा कर लिया गया है। एनजीटी के आदेशानुसार शहर के कोर और ग्रीन एरिया में नए निर्माण पर पूर्ण पाबंदी है। बावजूद इस ग्रीन एरिया के बीचोंबीच खुदाई करके और डंगे लगाकर सड़क बनाई जा रही है। नगर निगम के अनुसार विधायक निधि से मिले पांच लाख रुपये से इस सड़क का निर्माण डीआरडीए करवा रहा है। स्थानीय पार्षद का दावा है कि पोर्टमोर स्कूल के दूसरे गेट को एंबुलेंस रोड से जोड़ने के लिए यह सड़क बन रही है, लेकिन मौके पर यह सड़क स्कूल गेट की बजाय चंद रिहायशी भवनों के लिए बनाई जा रही है। स्कूल के दो गेट हैं। जिनमें एक गेट पहले ही एंबुलेंस रोड से जुड़ा है। आरोप यह भी लग रहे है कि विधायक निधि से पैसा स्कूल गेट तक सड़क बनाने के लिए मिला था लेकिन इसे डायवर्ट किया जा रहा है।
स्कूल की आड़ में बन रही सड़क
स्कूल का दूसरा गेट अभी पगडंडी से जुड़ा है। यदि इसे सड़क से जोड़ना ही था तो इस पगडंडी को ही चौड़ा कर कम खर्च में एंबुलेंस रोड बन सकता था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आरोप लग रहे है कि स्कूल को सुविधा देने की आड़ में चंद लोगों के लिए सड़क बना दी है।
एनजीटी के आदेशों का उड़ रहा मजाक
एनजीटी ने शहर के कोर और ग्रीन एरिया में नए निर्माण पर पूर्ण रोक लगा रखी है। इन इलाकों के लोगों को नए घर तक बनाने की अनुमति नहीं है। लेकिन दूसरी ओर देवदार के पेड़ों के बीच सड़क बन रही है। वन विभाग, नगर निगम समेत बाकी महकमे सो रहे हैं। नगर निगम इसे डीआरडीए की सड़क बताकर पल्ला झाड़ रहा है। उधर, वन विभाग को तो पता ही नहीं है कि शहर के बीचोंबीच ऐसी कोई सड़क भी बन रही है। वहीं, अब डीआरडीए भी सड़क निर्माण से मुकर रहा है।
विधायक निधि से बना रहे सड़क
विधायक निधि से मिले पैसों से डीआरडीए यह सड़क बना रहा है। पोर्टमोर स्कूल की छात्राओं को जरूरत पड़ने पर गेट से ही एंबुलेंस सुविधा मिले, इसके लिए सड़क बन रही है। पेड़ों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है।
बृज सूद, स्थानीय पार्षद
ग्रीन एरिया में नहीं बना सकते सड़क
एनजीटी के आदेशों के अनुसार ग्रीन एरिया में सड़क नहीं बना सकते। ओकओवर के समीप ऐसी कोई सड़क बन रही है, इसकी सूचना नहीं है। जल्द ही मौके का निरीक्षण करेंगे।
पवन चौहान, डीएफओ शिमला
इसकी जानकारी नहीं है
ओकओवर के पास सड़क बनाने की मुझे अभी जानकारी नहीं है। हम सड़क नहीं बनाते, लेकिन फिर भी लिस्ट चेक करेंगे कि क्या इस सड़क की मंजूरी आई है या नहीं।
संजय भगवती, डीआरडीए अधिकारी