टीम इंडिया के आलराउंडर क्रिकेटर ऋषि धवन ने खुद को टीम की परिस्थितियों के अनुसार ढालकर प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शुरुआती दौर में क्रिकेटर ऋषि धवन का पूरा फोकस केवल बल्लेबाजी पर था, लेकिन टीम की परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने गेंदबाजी पर फोकस किया और आलराउंडर बन गए। इन दिनों ऋषि धवन मंडी शहर स्थित अपने घर में परिजनों और दोस्तों संग समय बिता रहे हैं।
अमर उजाला से खास बातचीत में ऋषि धवन ने कहा कि परिस्थितियों और अवसरों ने उन्हें आलराउंडर बनाया है। शुरुआती दौर में वे केवल सचिन तेंदुलकर की भांति ही बल्लेबाजी करना चाहते थे। परिस्थितियों में बदलाव आने के साथ खुद में भी बदलाव कर टीम के लिए हमेशा तत्पर रहा हूं।
ऋषि धवन ने कहा कि अंडर 19 में मैदान में बतौर ओपनर बल्लेबाज ही मैदान में उतरे हैं, लेकिन रणजी ट्रॉफी के समय परिस्थितियां बदलने पर वे आलराउंडर बन गए। उस समय टीम को आलराउंडर की जरूरत थी। अंडर-19 में ही ऋषि धवन ने 340 रन बनाकर क्रिकेटर युवराज का रिकॉर्ड तोड़ा था।
ऋषि धवन ने कहा कि अंडर-19 के दौरान ओपनर बल्लेबाजी के दौरान सचिन तेंदुलकर को रोल मॉडल माना है। सचिन तेंदुलकर से प्रेरणा पाकर ही टीम इंडिया तक भी पहुंचा हूं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई सीरीज में भी ऋषि धवन टीम इंडिया से बतौर आलराउंडर चयनित हुए और प्रतिभा का जलवा दिखाया।
घर में आराम करने पहुंचे क्रिकेटर ऋषि धवन अभ्यास करने से नहीं चूकते हैं। वे रोज सुबह पड्डल मैदान में क्रिकेट का अभ्यास करते हैं। वहीं, आरडी जिम में रोजाना फिटनेस के लिए पसीना बहा रहे हैं। ऋषि ने कहा कि आराम के दौरान भी उनका अभ्यास और जिम जारी रहता है।