सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में 9,9600 किसान परिवार पंजीकृत हैं। इसमें से वर्तमान में केवल 3,68863 किसान ही क्रेडिट कार्ड का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सभी किसान किसान क्रेडिट कार्ड का प्रयोग करें। उन्होंने बताया की सरकार ने कार्ड बनाने के नियमों में भी कुछ बदलाव किया है।
1.60 लाख तक का किसान क्रेडिट कार्ड बनाने पर किसानों को अपनी जमीन बैंक के पास मोडगेज नहीं करवानी पड़ेगी। 3 लाख रुपये तक के कार्ड पर मात्र 4 फीसदी ब्याज साल का देना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस योजना में बदलाव किया है। अब दूध उत्पादन के लिए गोवंश के पालन, फीशरी उत्पादन और सुअर पालन पर भी किसानों के 2 लाख रुपये तक के कार्ड बनाए जाएंगे।