ऐतिहासिक रिज मैदान पर पद्म देव कांप्लेक्स दरकने लगा है। इसकी रोकथाम के दावे तो बहुत हुए लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है। बहुमंजिला भवन की बेसमेंट में दरारें आ गई हैं। नगर निगम जानकर भी अनजान बन रहा है।
इस इमारत में एक निजी अस्पताल सहित एक दर्जन से अधिक शोरूम हैं। नगर निगम की वास्तुकार एवं योजनाकार शाखा और बिजली बोर्ड का दफ्तर भी इसी इमारत में है।
दरारों को अस्थायी तौर पर भर रहा निगम
हर दिन यहां सैकड़ों लोगों का आना-जाना है। पद्म देव कांप्लेक्स के दरकने से रिज मैदान का अस्तित्व भी खतरे में है। यहां भी दरारें दिखाई देने लगी हैं। दरारों को अस्थायी तौर पर भरकर निगम काम चला रहा है।
भवन की धरातल मंजिल में चल रहे नगर निगम के एपी ऑफिस के बाहर भवन की बेसमेंट में आई दरारों को साफ देखा जा सकता है। धरातल मंजिल में एक फीट से बड़ी दरारें आ गई हैं। दरारों से पद्म देव कांप्लेक्स की नींव भी साफ दिख रही है।
हो सकता है बड़ा हादसा
बिजली बोर्ड के रिज सब डिवीजन के तहत आने वाले लोगों के बिजली बिल इसी इमारत की धरातल मंजिल में जमा होते हैं। रोजाना सैकड़ों लोग बिल जमा करवाने के लिए यहां लाइनों में खड़े होते हैं।
ग्राउंड फ्लोर से सटी जमीन के धंसने के चलते लोग भी टेढ़ी-मेढ़ी लाइन में खड़े होकर बिल जमा करवाने को विवश हैं। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रोजेक्ट पर चल रहा काम
नगर निगम के मेयर संजय चौहान का कहना है कि यहां बार-बार जमीन धंस रही है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेष प्रोजेक्ट बनाया है। रिज के संरक्षण के लिए एक शॉपिंग मॉल का निर्माण प्रस्तावित है।
इससे जमीन धंसने की समस्या से छुटकारा मिलेगा, लोगों और सैलानियों को शॉपिंग माल की सुविधा भी मिलेगी।