मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि भांग के रेशे से तैयार होने वाली जैकेट 5,000 रुपये में बिकेगी। भांग की खेती वैद्य होने से हथकरघा के क्षेत्र में बदलाव आएगी।
प्रदेश में दवाइयां बनाने और उद्योग के लिए भांग का इस्तेमाल किया जाएगा। भांग से कैंसर आदि बीमारियों के लिए दवाइयां बनाई जाएंगी। यह दवाइयां वर्तमान में अमेरिका और अन्य देशों से आ रही हैं। कहा कि अन्य राज्यों की पॉलिसी का अध्ययन करने के बाद हिमाचल सर्वश्रेष्ठ पॉलिसी लेकर आएगा। यह बात कुल्लू में शनिवार को मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने प्रेस वार्ता में कही।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है। इसमें मंत्री जगत नेगी, डॉ. हंसराज, डॉ. जनकराज, विधायक सुरेंद्र शौरी, केवल सिंह पठानिया सदस्य हैं। कमेटी ने उत्तराखंड का दौरा किया। यहां रिसर्च सेंटर में भी भांग के विभिन्न कांपोनेंट के बारे में विस्तार से जाना है। कमेटी ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स के मुख्य कार्यालय में भी अधिकारियों से बातचीत की है।
कहा कि भांग के रेशे से तैयार होने वाली जैकेट 5,000 रुपये में बिकेगी। भांग की खेती वैद्य होने से हथकरघा के क्षेत्र में बदलाव आएगी। बुनकरों की कमाई 10 गुना बढ़ जाएगी। कहा कि अन्य राज्यों की पॉलिसी का अध्ययन करने के बाद हिमाचल सर्वश्रेष्ठ पॉलिसी लेकर आएगा। इसके लिए जनता के साथ संवाद किया जाएगा।
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कुल्लू से इसकी शुरुआत होगी। 11 जून को कुल्लू में विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधियों आदि को बुलाया गया है। इसके बाद मंडी, चंबा और कांगड़ा में जनता से संवाद होगा। इसके बाद कमेटी की ओर से एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट को प्रदेश सरकार को सौंपा जाएगा।