भारत सरकार ने तीन देशों से आलू आयात पर नई बंदिशें लगा दी हैं। पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की से आलू का आयात अब आसान नहीं होगा। इससे पहले अब कई बीमारियों की जांच होगी। पहले सारी बीमारियां जांच शेड्यूल में शामिल नहीं थीं।
केंद्रीय आलू अनुसंधान केंद्र शिमला की संस्तुति पर कृषि मंत्रालय ने अब आलू के लिए नया क्वारेंटाइन शेड्यूल जारी किया है। इन देशों से आलू का आयात आम तौर पर बीज के लिए होता रहा है। मंत्रालय ने इसके लिए पौध संगरोध (भारत में आयात का विनियमन) आदेश 2014 निकाला है।
इसके मुताबिक इन तीनों देशों से आलू का आयात अब नए आदेश में शामिल तमाम रोगों की जांच के बाद ही होगा। भारत में आयातित आलू में रोगों की जांच सीपीआरआई की क्वारेंटाइन प्रयोगशाला में ही होती है।
अब इन रोगों की होगी जांच
पाकिस्तान से आयातित आलू में आठ रोग पोटेटो रिंग रोट, स्टेम एंड बल्ब नेमाटोड, पोटेटो ट्यूबर नेमाटाड, पालिड पोटेटो सिस्ट नेमाटोड, पोटेटो सिस्ट नेमाटोड, पोटेटो मोप टोप वायरस, कैलिफोर्निया नेमाटोड और प्राटीलेंक्स स्क्रीबनेरी की जांच जरूरी होगी।
मिस्र के आलू में गैंगरीन, टोमेटो फुट रोट, पीएसटीवीडी और प्राटीलेंचस गुडेई इन चार रोगों की जांच होगी। तुर्की के आलू में नौ रोगों पोटेटो रिंग रोट, स्टेम एंड बल्ब नेमाटोड, पोटेटो ट्यूबर नेमाटोड, पालिड पोटेटो सिस्ट नेमाटोड, पोटेटो सिस्ट नेमाटोड, कोलेरेडो पोटेटो बीटल, कोलंबिया रूट नोट नेमाटोड, रूट नॉट नेमाटोड और टोमेटो फुट रोट की जांच करनी होगी।
सीपीआरआई शिमला के निदेशक डॉ. बीपी सिंह ने कहा कि कृषि मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद अब शेड्यूल में शामिल रोगों की जांच के बाद ही इन देशों से आलू का आयात हो पाएगा।