एरोपोनिक तकनीक से आलू बीज उत्पादन की लाइसेंसिंग शुरू करने, पांच वर्षों में आलू की 17 नई किस्में विकसित करने और आलू बीज निमेटोड का तोड़ निकालने सहित अन्य उपलब्धियों के लिए सीपीआरआई को ग्रेडिंग मिली है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की पंचवर्षीय समीक्षा में सीपीआरआई (केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान) शिमला को आउटस्टैंडिंग रैंकिंग मिली है। एरोपोनिक तकनीक से आलू बीज उत्पादन की लाइसेंसिंग शुरू करने, पांच वर्षों में आलू की 17 नई किस्में विकसित करने और आलू बीज निमेटोड का तोड़ निकालने सहित अन्य उपलब्धियों के लिए सीपीआरआई को ग्रेडिंग मिली है। सोमवार को आईसीएआर की ओर से गठित कमेटी ने सीपीआरआई के पिछले पांच वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित रिपोर्ट संस्थान के महानिदेशक को सौंपी।
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रिपोर्ट में विशेष तौर पर सीपीआरआई की ओर से एरोपोनिक तकनीक से उच्च गुणवत्ता के आलू बीज का उत्पादन करने की लाइसेंसिंग शुरू करने की प्रशंसा की गई। संस्थान अब तक 35 आलू बीज उत्पादकों को एरोपोनिक तकनीक से आलू बीज तैयार करने का लाइसेंस जारी कर चुका है। देश में अच्छी गुणवत्ता का वायरस रहित आलू बीज तैयार करने के लिए सीपीआरआई ने एरोपोनिक तकनीक इजाद की है।
इसके अलावा बीते पांच सालों में देश के अलग अलग क्षेत्रों के लिए जलवायु के अनुसार आलू बीज की 17 किस्में विकसित करने को भी बड़ी उपलब्धि माना गया है। सीपीआरआई शिमला ने शोध के बाद निमेटोड (कृमि सूत्र) का तोड़ निकाला है जिससे हिमाचल सहित अन्य पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में हिमालिनी, गिरधारी, ज्योति और हिमसोना जैसी किस्मों के आलू बीज का संकट खत्म हो गया है। केंद्र सरकार ने निमोटेड के चलते सीपीआरआई के कुफरी और फागू आलू बीज फार्म में चार साल से पैदावार पर रोक लगा दी थी।
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संस्थान के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा रसायन तैयार किया जिससे कृमि सूत्र और उसके अंडों को पूरी तरह से नष्ट किया जा सकता है। आईसीएआर नई दिल्ली ने 11 जून 2024 को पंचवर्षीय समीक्षा टीम (क्यूआरटी) का गठन किया था, जिसमें बीसीकेवी कल्याणी पश्चिम बंगाल के पूर्व कुलपति प्रोफेसर चित्तरंजन कोले को अध्यक्ष, पूर्व निदेशक आईसीएआर-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान डॉ. पीएस नाइक, पूर्व परियोजना समन्वयक एआईसीआरपी डॉ. पीएम गोविंद कृष्णन सहित अन्य विशेषज्ञों को सदस्य बनाया था। सीपीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक और फसल उत्पादन विभाग के प्रमुख डॉ. जगदेव शर्मा टीम के सदस्य सचिव थे।