मनरेगा का बजट 2 लाख करोड़ करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सीपीआईएम ने मंगलवार को केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर उपायुक्त कार्यालय के बाहर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कहा गया कि केंद्र की मोदी सरकार में बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी बढ़ी है। लोगों की रोजी रोटी छीनी जा रही है।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला सचिव संजय चौहान ने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही है। मंदी की हालत बन रही है। केंद्र की सरकार केवल प्रचार प्रसार से देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के दावे कर रही है जबकि उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक निवेश नहीं हो रहा। प्रदर्शन के दौरान सीपीआईएम जिला सचिव संजय चौहान, विजेंद्र मेहरा और सत्यवान पुंडीर ने रोजगार पैदा करने वाली ढांचागत परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने की मांग की। इसके साथ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत 5 किलोग्राम सस्ता खाद्यान्न का वितरण बहाल करने का आग्रह किया।
मनरेगा के बजट में बढ़ौतरी करके इसे 2 लाख करोड़ रुपये और मनरेगा मजदूरों को बढ़ा हुआ वेतन देने का आग्रह भी किया। इस दौरान जगत राम, फालमा चौहान, जगमोहन ठाकुर,बालक राम, अनिल ठाकुर, अमित कुमार, राम सिंह, विनोद बिसरांटा, किशोरी डटवालिया, सोनिया, सुरजीत, हिम्मी ठाकुर, महेश वर्मा, कपिल, कमल, सुशील ठाकुर पूर्ण, पवन, रंजीत और रामू मौजूद रहे।