सीपीआई (एम) के राष्ट्रीय महासचिव प्रकाश करात ने शिमला में मंगलवार को आयोजित 15वें राज्य सम्मेलन में कहा कि पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए लोकसभा में विधेयक पास हो रहे हैं।
देश की जनता ने भाजपा को बहुमत दिया है, इसका फायदा उठाकर केंद्र सरकार लोकसभा में कोयला खदान नीलामी विधेयक पास कर कंपनियों को फायदा देने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सभा में सीपीआई (एम) इस विधेयक का विरोध कर बिल को पास नहीं होने देगी।
किसके आए अच्छे दिन?
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने के लिए उन्होंने जनता को अच्छे दिन का सपना दिखाया था, लेकिन आज देश की जनता जान गई है कि ये अच्छे दिन किसके आए हैं। कंपनियों को फायदा देने के लिए ये सब ढोंग रचा गया है।
केंद्र सरकार रेलवे का निजीकरण करने के पक्ष में है और इस निजीकरण की चाबी विदेशी कंपनियों के हाथ में सौंपी जा रही है। मनरेगा के लिए केंद्र सरकार ने 34 हजार करोड़ का बजट रखा था लेकिन अब इस बजट को घटाकर 31 हजार करोड़ रुपये कर दिया है।
केंद्र मनरेगा को 200 जिलों तक ही सीमित करना चाहता है। सम्मेलन में पूर्व विधायक राकेश सिंघा, महापौर संजय चौहान, डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर, ओंकार शाद, कश्मीर सिंह, विजेंद्र मेहरा ने केंद्र की भाजपा और प्रदेश की कांग्रेस सरकार की नीतियों का विरोध किया।
धर्म परिवर्तन में तुली सरकार
प्रकाश करात ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार धर्म परिवर्तन कराने पर तुली है। इसको घर वापसी का नारा दिया गया है। आगरा के बाद अलीगढ़ में भी ईसाई और अन्य धर्म समुदाय के लोगों का धर्म परिवर्तन किया जा रहा हैं।
करात ने आरोप लगाया कि देश में शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली का निजीकरण किया जा रहा है। केंद्र टैक्स में छूट देकर कंपनियों को करोड़ों रुपये की राहत दी है।
देश में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ना और कम होना राष्ट्रीय मार्केट पर निर्भर है। मार्केट के हिसाब से उपभोक्ताओं को पेट्रोल 33 रुपये प्रति लीटर मिलना चाहिए लेकिन केंद्र सरकार ने सिर्फ तेल में 5 से 7 रुपये की कमी की है।