हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के उपमंडल बड़सर के लल्याणि गांव के 44 वर्षीय व्यक्ति की मौत 25 मई को कोरोना से हो गई। मृतक मैहरे में मनियारी की दुकान करता था। बीते एक साल से दुकानदारी नहीं चल रही थी। परिवार किराये के मकान में रहता है। गांव में मकान पुराना व जर्जर हालत में है। दो बच्चों में बेटी दसवीं और बेटा पांचवीं कक्षा का छात्र है। मनियारी की दुकान से घर का खर्च चलना मुश्किल था तो पत्नी भी सिलाई-कढ़ाई करने लगी। पति की जान बचाने की खातिर पत्नी खुद अस्पताल में साथ रही और पॉजिटिव हो गई, लेकिन कोरोना ने पति को छीन लिया। अब बच्चों के भविष्य सहित मकान के किराए और परिवार के पोषण की चिंता सताने लगी है। अस्पतालों में कोरोना मरीजों की उचित देखभाल का प्रावधान सरकार को करना चाहिए। दूसरा जिन बच्चों ने अपने माता पिता खोये हैं उनके भविष्य के बारे में सोचा जाए।