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आईजीएमसी में 0 से 18 साल आयु वर्ग के 1000 बच्चों पर होगा सर्वे

Mon, 21 Jun 2021 10:40 AM IST
अरविन्द ठाकुर सुमित ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

आईजीएमसी में ओपीडी में रोजाना औसतन 60 से 70 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं 8 से 10 बच्चे वार्डों में दाखिल किए जाते हैं। ऐसे में इनमें से ही चयनित बच्चों पर यह सर्वे होगा।
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आईजीएमसी शिमला (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बच्चों में कोरोना होने की आशंका के बीच प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल आईजीएमसी सर्वे करने जा रहा है। तीसरी लहर आने से पहले प्रदेश भर के 0 से 18 साल आयु वर्ग के 1000 बच्चों पर यह सर्वे किया जाएगा। आईजीएमसी के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश शर्मा ने बताया कि यह सर्वे करीब दो महीने में पूरा हो जाएगा।

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अस्पताल में विभिन्न बीमारियों का इलाज करवाने पहुंचने वाले बच्चे जिनका किसी वजह से वजन कम है, कोविड हुआ है या अन्य किसी बीमारी का उपचार किया जाना है, तो ऐसे बच्चों के कोविड एंटीबॉडी टेस्ट अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा किए जाएंगे।

इन सैंपल की जांच अस्पताल की लैब में ही की जाएगी। आईजीएमसी में ओपीडी में रोजाना औसतन 60 से 70 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं 8 से 10 बच्चे वार्डों में दाखिल किए जाते हैं। ऐसे में इनमें से ही चयनित बच्चों पर यह सर्वे होगा। हालांकि सर्वे से पहले प्रबंधन इसकी मंजूरी इनके अभिभावकों से लेगा।
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उल्लेखनीय है कि एम्स की तर्ज पर यह सर्वे किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एम्स ने चार अलग-अलग शहरों के 700 बच्चों पर यह सर्वे किया था, जिसमें 56 से 60 फीसदी बच्चों में एंटीबॉडी पाई गई थी। ऐसे में अगले 3 से 6 महीनों तक इन बच्चों में कोविड जल्दी नहीं हो पाएगा।

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