कोरोना से जंग जीतने वाली महिला के चेहरे पर बेटे की मौत का दर्द साफ दिखा। रविवार को वह अपने घर पहुंचीं तो एंबुलेंस में ही फूट-फूट कर रोने लगी। जब उन्हें एंबुलेंस से उतरने को कहा गया तो भी वह बेहद भावुक हो गईं। रोते हुए कहने लगीं कि मैं बेटे को साथ लेकर गई थी और खाली हाथ लौटी हूं। मां के विलाप को सुनकर वहां मौजूद हर किसी की आंखों में आंसुओं का सैलाब था।
गांव की कुछ बुजुर्ग महिलाओं ने उसे संभालते हुए एंबुलेंस से उतारा। प्रधान शांता देवी ने बताया कि सरकारी वाहन महिला को छोड़ने आया था। घर पहुंचकर महिला ने बेटे की याद में बहुत आंसु बहाए। इस बात की खुशी जरूर है कि वह कोरोना जैसी बीमारी को मात देकर लौटी हैं। उनका दर्द देखकर पूरा गांव शोक में डूब गया।