छह हफ्ते में बकाया चुकाने का आदेश, अनुपालन न होने पर होगी वसूली
संजौली निवासी याचिकाकर्ता सत्यपाल ने भूमि अधिग्रहण के मामले में दायर की थी याचिका
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण गर्ग की अदालत ने शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (एसजेपीएनएल) को छह सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को 6,98,114 रुपये 15 प्रतिशत अतिरिक्त बकाया राशि सहित अदा करने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा में राशि जमा न करने की स्थिति में बलपूर्वक वसूली की जाएगी। संजौली निवासी सत्यपाल ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 की धारा 18 के अंतर्गत दायर पुनरीक्षण याचिका में 23 मार्च 2000 को दिए गए आदेश के निष्पादन की मांग की थी।
सुनवाई में एसजेपीएनएल के अतिरिक्त महाप्रबंधक दिनेश कुमार भारद्वाज ने अदालत के समक्ष पेश हुए। उन्होंने कहा कि विभाग को याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत नई गणनाओं पर कोई आपत्ति नहीं है और छह सप्ताह के भीतर शेष राशि जारी कर दी जाएगी। इस आधार पर अदालत ने निष्पादन याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने कहा कि यदि राशि समयसीमा में जमा कर दी जाती है तो इसे पूर्ण अनुपालन माना जाएगा।
यह है मामला
ढली से संजौली तक जल आपूर्ति योजना के लिए जल पाइपलाइन बिछाने के लिए याचिकाकर्ता की भूमि अधिग्रहित की गई थी। भूमि अधिग्रहण कलेक्टर ने 23 अक्तूबर 1989 को निर्णय पारित किया। उससे असंतुष्ट होकर याचिकाकर्ता ने अदालत में अधिनियम की धारा 18 के तहत एक संदर्भ दायर किया। दलील दी गई कि अदालत ने अधिग्रहीत भूमि का बाजार मूल्य 58,890 रुपये प्रति बिस्वा बढ़ा दिया था। साथ ही प्रदेश उच्च न्यायालय ने पारित आदेश में याचिकाकर्ता को 30,000 रुपये प्रति बिस्वा की दर से भूमि के मूल्य का हकदार माना था।