नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से दाडलाघाट स्थित अंबुजा सीमेंट कंपनी की दूसरे यूनिट का पर्यावरण मंजूरी संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के संबंधित निदेशक को रिकॉर्ड के साथ 16 अक्टूबर को ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश होने के आदेश दिए गए हैं।
ट्रिब्यूनल ने प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी आदेश दिए कि दो सप्ताह के भीतर अंबुजा सीमेंट कंपनी की दूसरे यूनिट का पर्यावरण मंजूरी रिपोर्ट दायर करे और बताए कि बोर्ड ने पर्यावरण मानकों के उल्लंघन संबंधी क्या कार्रवाई की है।
रौडी गांव के लोगों की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि अंबुजा सीमेंट कंपनी ने दूसरे यूनिट को लगाते समय पर्यावरण नियमों का उल्लंघन किया है। उनका गांव प्लांट से 20 से 25 मीटर की दूरी पर स्थित है। प्लांट लगने से गांव में वायु और ध्वनि प्रदूषण हो रहा है।
प्लांट से निकले वाले धुएं से पशुओं का चारा भी खराब हो रहा है। याचिका के माध्यम से ट्रिब्यूनल से गुहार लगाईं गई है कि इस प्लांट को तुरंत बंद करने के आदेश दिए जाएं।
अवैध खनन पर भी ट्रिब्यूनल सख्त
रोहडू स्थित पब्बर नदी से अवैध खनन करने के मामले में ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 39 लोगों को अपना- अपना जवाब दायर करने के आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने आदेश में स्पष्ट किया है ये लोग शपथ पत्र के माध्यम से ट्रिब्यूनल को बताएं कि उन्होंने किसके कहने पर अवैध खनन किया है और कितना पैसा कमाया है। मामले की आगामी सुनवाई 16 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।