अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए लेकिन मुख्य गवाह घायल महिला ने कहा कि टक्कर मारने वाला चालक मौके से फरार हो गया और उसे न तो आरोपी का चेहरा पता है तथा न ही वाहन का नंबर। कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं था। वाहन मालिक ने कहा कि वाहन उनके नाम पर है और दुर्घटना के समय उनका बेटा यानि आरोपी वाहन चला रहा था लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह खुद घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। अदालत ने इसे अफवाह पर आधारित गवाही मानते हुए अस्वीकार कर दिया। न्यायाधीश ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी की पहचान और उसका वाहन चलाने का सबूत साबित करने में विफल रहा। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की शृंखला पूरी नहीं हुई और संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाना चाहिए।