उन्होंने न्यायालय को यह विश्वास दिलाया कि भविष्य में इस तरह की गलती नहीं होगी। खंडपीठ ने इस बाबत दायर याचिकाओं का निपटारा करते हुए अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि निजी संस्थानों में बीएड की काउंसलिंग के लिए 8 अक्तूूबर से शुरू की जाएगी।
निजी संस्थानों में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी यह न समझे कि सरकारी संस्थानों व निजी संस्थानों में चलाए जाने वाले विषय अलग-अलग है। हाईकोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रोस्पेक्टस में निर्धारित शेड्यूल पर ही काउंसलिंग की जानी चाहिए।