हिमाचल प्रदेश के निगम, बोर्डों, प्राधिकरणों और समितियों के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर अब इन्हें भी प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के दायरे में लाया गया है। प्रधान सचिव कार्मिक एसकेबीएस नेगी ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। वेतन, भत्तों से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए निगम, बोर्ड के कर्मचारी भी प्रशासनिक ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटा सकते हैं। अब उन्हें प्रदेश हाईकोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इससे लगभग 50 हजार कर्मचारियों को फायदा होगा।
प्रदेश में फरवरी माह से प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने फिर से काम करना शुरू कर दिया है। इसके दायरे में राज्य सरकार के कर्मियों को रखा गया था। कर्मचारी अपनी सर्विस से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए हाईकोर्ट के बजाए ट्रिब्यूनल में जाने लगे हैं। निगम, प्राधिकरण, बोर्ड और अन्य समितियों के कर्मचारियों की मांग पर ही सरकार उन्हें भी ट्रिब्यूनल के दायरे में ला दिया है। इससे उन्हें सस्ता और सुलभ न्याय मिलने की संभावना है।