फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

50 हजार कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर

विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश के निगम, बोर्डों, प्राधिकरणों और समितियों के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर अब इन्हें भी प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के दायरे में लाया गया है। प्रधान सचिव कार्मिक एसकेबीएस नेगी ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। वेतन, भत्तों से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए निगम, बोर्ड के कर्मचारी भी प्रशासनिक ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटा सकते हैं। अब उन्हें प्रदेश हाईकोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इससे लगभग 50 हजार कर्मचारियों को फायदा होगा।
विज्ञापन


प्रदेश में फरवरी माह से प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने फिर से काम करना शुरू कर दिया है। इसके दायरे में राज्य सरकार के कर्मियों को रखा गया था। कर्मचारी अपनी सर्विस से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए हाईकोर्ट के बजाए ट्रिब्यूनल में जाने लगे हैं। निगम, प्राधिकरण, बोर्ड और अन्य समितियों के कर्मचारियों की मांग पर ही सरकार उन्हें भी ट्रिब्यूनल के दायरे में ला दिया है। इससे उन्हें सस्ता और सुलभ न्याय मिलने की संभावना है।
विज्ञापन

लग चुके थे कई मामले

प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के गठन के बाद निगम, बोर्डों के कर्मचारियों ने भी अपने मामले ट्रिब्यूनल में लगा दिए थे, लेकिन सरकार की ओर से अधिसूचना न होने के कारण उनके मामलों पर सुनवाई नहीं हो पा रही थी। इन मामलों को ट्रिब्यूनल ने एक किनारे रख दिया था।

ट्रिब्यूनल के तीन सदस्यों पर सहमति- प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के तीन सदस्यों के नामों पर लगभग सहमति बन गई है। सूत्रों के अनुसार जिन तीन नामों पर स्क्रीनिंग कमेटी की ओर से फाइनल किया गया है, उनमें पूर्व आईएएस अधिकारी हरिंदर हीरा, प्रेम कुमार और डीके शर्मा का नाम शामिल है। राज्य सरकार के माध्यम से जल्द ही इन नामों को सुप्रीम कोर्ट और केंद्र को भेजा जाएगा। हालांकि, इसकी पुष्टि को कोई तैयार नहीं है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें