हिमाचल सरकार ने पंचायतों का ऑडिट अस्थायी तौर पर रोक दिया है। पंचायत सचिवों के पास कोरोना को लेकर काम बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है। पंचायत सचिवों ने सरकार से मामला उठाया था कि कोरोना को लेकर पंचायतों में काम बढ़ गया है और दैनिक कैश बुक भरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार ने यह रोक तब तक लगाई है, जब तक प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने में कामयाबी नहीं मिल जाती।
प्रदेश में कुल 3226 पंचायतें हैं और प्रत्येक पंचायत में एक सचिव रहता है। पंचायत सचिव ही रोज कैश बुक भरने का काम करते हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पंचायत सचिवों के करीब 300 पद खाली हैं। ऐसे में काफी परेशानी हो रही है। पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा कहते हैं कि सरकार ने कोरोना महामारी के कारण पंचायतों में काम बढ़ने के कारण अस्थायी तौर पर ऑडिट रोका है। स्थिति सामान्य होने पर पंचायतों का ऑडिट आरंभ कर दिया जाएगा।