आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रदेश के निजी होटल कारोबारियों को सरकार 11 फीसदी ब्याज पर चार साल के लिए ऋण देगी। पहले दो साल प्रदेश सरकार 50 फीसदी ब्याज चुकाएगी। कारोबारी 31 मार्च 2021 तक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। राज्य सरकार ने राजपत्र में कम ब्याज पर ऋण देने की योजना को अधिसूचित कर दिया है।
ऋण लेने के लिए जिला पर्यटन अधिकारी के पास आवेदन करने होंगे। कोविड 19 महामारी के कारण प्रभावित हुए पर्यटन उद्योग को दोबारा पटरी पर लाने के लिए बीते दिनों ही मंत्रिमंडल ने इस योजना को मंजूर किया है। इसके तहत 31 मार्च 2020 तक एक करोड़ रुपये का जीएसटी चुकाने वाली पर्यटन इकाइयां 50 लाख रुपये तक के अधिकतम ऋण के लिए पात्र होंगी।
इस अवधि तक कम से कम एक वर्ष तक एक करोड़ रुपये से तीन करोड़ रुपये तक जीएसटी चुकाने वाली पर्यटन इकाइयां 75 लाख रुपये तक ऋण लेने और तीन करोड़ रुपये से अधिक जीएसटी देने वाली पर्यटन इकाइयां एक करोड़ रुपये तक ऋण लेने तक पात्र होंगी। छोटी पंजीकृत पर्यटन इकाइयां 15 लाख रुपये तक के ऋण के लिए पात्र होंगी।
ऋण अवधि चार वर्षों के लिए होगी जिसमें पहले दो वर्षों तक ब्याज में हर वर्ष 50 प्रतिशत छूट होगी। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि पर्यटन विभाग के पास पंजीकृत इकाइयों को ही ऋण मिलेगा। राज्य सहकारी बैंक, कांगड़ा सहकारी बैंक, जोगिंद्रा सहकारी बैंक और व्यवसायिक बैंकों के माध्यम से ऋण दिए जाएंगे।