वहीं, बस सेवाएं शुरू होने से जहां आम आदमी ने राहत की सांस ली है, वहीं कुछ ग्रामीण रूटों पर चालकों और परिचालकों के लिए रात को ठहरने और खाने की व्यवस्था न होने से नेरवा डिपो के चार रूट अस्थायी रूप से स्थगित करने पड़े हैं। सोमवार को नेरवा डिपो के तहत 80 रूटों पर बसें भेजी गईं। इनमें से चार बसें चालक-परिचालकों के लिए सुविधाएं न होने पर रात को ही लौट आईं। भूट-नावी रूट पर गई बस के चालक और परिचालक को उस क्षेत्र के लोगों ने साफ कह दिया कि यह बस 15 दिन तक न चलाई जाए। इसके बाद स्थिति के हिसाब से चालक और परिचालक के लिए रहने और खाने की व्यवस्था होने के बाद ही इसे चलाया जाए। इसी प्रकार नावधार, रानवी और कोटि सरांह रूटों पर गईं बसें भी वहां पर चालकों-परिचालकों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था न होने पर रात को नेरवा लौट आईं।
इन क्षेत्रों के लोगों ने परिवहन निगम को सूचित कर दिया है कि क्षेत्र के लोग आपस में बैठक कर चालकों-परिचालकों के लिए कोई व्यवस्था करने का इंतजाम करेंगे। इसके बाद ही इन क्षेत्रों को बसें भेजी जाएं। ग्राम पंचायत पुजारली के उपप्रधान यशपाल के अनुरोध पर मंगलवार को नावधार के लिए दिन की समयसारिणी के अनुसार बस भेजी गई जो शाम को नेरवा लौट आई। एचआरटीसी नेरवा डिपो के कार्यवाहक क्षेत्रीय प्रबंधक और मुख्य निरीक्षक रतन शर्मा ने बताया कि चालकों-परिचालकों के लिए रात को रहने और भोजन की व्यवस्था न होने के कारण कुछ रूटों को फिलहाल बंद कर दिया गया है। व्यवस्था होने पर इन्हें पहले की तरह बहाल कर दिया जाएगा। दिन के रूटों पर पूर्व निर्धारित समयसारिणी के अनुसार ही बसें चलती रहेंगी।