लोगों में कोरोनावायरस का खौफ है। कोरोना वायरस के खतरे को भांपते हुए निर्वासित तिब्बत सरकार की ओर से संचालित तिब्बतियन चिल्ड्रन विलेज्स (टीसीवी) ने अपने स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। सर्दियों की दो माह की छुट्टियां खत्म होने के बाद मंगलवार को टीसीवी के स्कूल खुलने थे। शरणार्थी तिब्बती अपने बच्चों को स्कूलों तक लेकर गए। लेकिन स्कूल पहुंचने पर पता चला कि टीसीवी स्कूलों ने कोरोनावायरस के खतरे के चलते स्कूलों को नए आदेशों तक बंद करने का निर्णय लिया है।
मैकलोडगंज में कई वर्षों से रह रही विदेशी मेहमान पर्यावरणविद गजाला अब्दुल्ला ने कहा कि वह गोपालपुर स्थित टीसीवी स्कूल में गोद लिए चार तिब्बती बच्चों को दो माह की छुट्टियां खत्म होने के बाद छोड़ने गई थी। लेकिन स्कूल प्रशासन ने कहा कि कोरोनावायरस के खतरे के चलते प्रबंधन ने अभी तक स्कूल को दो माह के लिए बंद करने का निर्णय लिया है। कोरोनावायरस को लेकर तिब्बती शरणार्थी ज्यादा एहतियात बरत रहे हैं। धर्मगुरु दलाईलामा ने पहले ही अपनी सभी टीचिंग अनिश्चितकाल के लिए रद्द करने का निर्णय लिया है। मैकलोडगंज में अधिकतर तिब्बती मास्क लगाकर घूम रहे हैं।