हॉटस्पाट में तहसीलदार पांवटा की टीम
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बाहरी राज्यों में फंसे लोग अपने राज्य में आकर भी घर नहीं जा सकेंगे। बॉर्डर में प्रवेश करते ही उन्हें क्वारंटीन सेंटर में 14 दिन बिताने होंगे। चोरी-छिपे आने वाले भी क्वारंटीन सेंटरों में रखे जाएंगे। इसके लिए बॉर्डर क्वारंटीन सेंटर बनाए जा रहे हैं। हिमाचल के पांवटा साहिब और कालाअंब में बने क्वारंटीन सेंटर को अब बॉर्डर क्वारंटीन सेंटर में बदल दिया गया है।
सरकार ने बाहरी राज्यों में फंसे लोगों को लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कोटा में फंस लोगों को लाने के लिए सरकार ने एचआरटीसी की बसें भेजी हैं। दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को लाने की भी संभावना प्रबल हो गई है। हालांकि, सरकार ने अभी अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है, लेकिन प्रशासनिक तौर पर बॉर्डर क्वारंटीन सेंटर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
उपायुक्त डॉ. आरके परूथी ने शुक्रवार को आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 34 के तहत अधिसूचना जारी कर जिले में दो केंद्रों को बॉर्डर क्वारंटीन सेंटर में तबदील किया है। कोरोना की रोकथाम को पांवटा साहिब के गुरु गोबिंद सिंह परिसर वाई प्वाइंट पांवटा साहिब तथा हिमालयन ग्रुप संस्थान
कालाअंब में स्थापित क्वारंटीन सेंटर अब बॉर्डर क्वारंटीन सेंट के रूप में चिह्नित किए गए हैं।