वहीं आठ मरीजों के पॉजिटिव आने पर कालाअंब की फार्मा कंपनी सील कर दी गई है। एक कोरोना संक्रमित नारायणगढ़ से एचआरटीसी की दो बसों में सफर कर अपने घर पहुंचा। इससे पहले नारायणगढ़ में उसके कोविड-19 के सैंपल लिए गए थे। इसकी रिपोर्ट जब पॉजीटिव आई तो सिरमौर प्रशासन ने उस तलाश कर सराहां कोविड स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल किया। इसके बाद उसकी ट्रेवल हिस्ट्री के तहत आरिसन फार्मा में कुल 41 लोगों के सैंपल लिए गए। इनमें से 33 की रिपोर्ट निगेटिव आई। जबकि आठ कोरोना संक्रमित पाए गए। इनमें कंपनी का मालिक, उसकी पत्नी, बेटा, सीईओ और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
उपायुक्त डॉ. आरके परूथी ने बताया कि कंपनी का मालिक, बेटा और पत्नी पंचकूला निवासी है, जबकि सीईओ यमुनानगर में रह रहा है। दो अन्य लोग सिढौरा से हैं। जबकि एक नारायणगढ़ में है। इनमें से सात लोग हरियाणा में ही हैं। लिहाजा, यह माइग्रेट की श्रेणी में आएंगे। उन्होंने बताया कि हरियाणा में वहां के प्रशासन ने सभी को कोविड केंद्रों में आइसोलेट कर दिया है। जबकि कालाअंब में रह रहे एक व्यक्ति को त्रिलोकपुर स्थित कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट किया गया है। वह कालाअंब में रह रहा था। उसके संपर्क में आए लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। उनके सैंपल लिए जा रहे हैं।