हिमाचल के मंडी जिले में बुधवार को कोरोना संक्रमण के एक साथ चार मामले सामने आने से हड़कंप मच गया है। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि ये मामले जिले के गोहर, बल्ह, थुनाग और सदर उपमंडल से संबंधित हैं। इनमें दो लोगों का यात्रा इतिहास नहीं मिल रहा है। एक संक्रमित लड़की का यात्रा इतिहास ऊना का है, जबकि 63 वर्षीय बुजुर्ग महिला पहले से नेरचौक अस्पताल में भर्ती है। यह महिला किडनी रोगी है।
महिला का पहले क्षेत्र के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। तबीयत बिगड़ने पर नेरचौक अस्पताल ले जाया गया था। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला का पति रत्ती में बड़ा कारोबारी है।कोरोना पॉजिटिव आने के बाद अब अन्य तीन मरीजों को भी उपचार के लिए लाया जा रहा है। अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम अन्य तीन संक्रमित लोगों को भी अस्पताल लाने की तैयारी में जुट गई है। यह भी बताया जा रहा है कि कोरोना संक्रमित एक किसान है और वह हाल ही में कई जगह मटर की फसल बेचकर आया था।
कोरोना पॉजिटिव मामला आने के बाद ऊना उपमंडल के कोटला खुर्द का वार्ड नंबर 4 कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा कि 21 मई से कोटला खुर्द के वार्ड चार में कर्फ्यू में ढील नहीं दी जाएगी। कोटला खुर्द के वार्ड नंबर 3 व 5 को बफर जोन घोषित किया गया है। आगामी आदेशों तक यह व्यवस्था रहेगी। पिछले दिनों पंजाब के मोहाली से ऊना लौटे दो युवक पॉजिटिव पाए गए थे। दोनों पहले रेड जोन मुंबई से आए थे। मोहाली में रुक गए और उसके बाद ऊना का पास बनवाया।
पहले हरोली के युवक में कोरोना का संक्रमण पाया गया, उसके बाद कोटला खुर्द का दूसरा युवक भी पॉजिटिव पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने उसे पहले होम क्वारंटीन का नोटिस दिया था, लेकिन 15 मई को इसका पहला सैंपल लिया गया जो निगेटिव आया था। दोनों युवकों की ट्रैवल हिस्ट्री की जांच में खुलासा हुआ था कि दोनों मुंबई के एयरपोर्ट में काम करते थे। इन्होंने रेड जोन मुंबई से पहले तो मोहाली तक का पास बनाया और उसके बाद वहां से ई पास के जरिये ऊना पहुंचे। युवक को खड्ड स्थित कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है। उसके गांव में एहतियात बरती जा रही है।