15 मई को मुंबई से चली विशेष ट्रेन ने हिमाचल में कोरोना ब्लास्ट किया है। इस ट्रेन में आए यात्रियों में एक ही दिन 11 लोग कोरोना पॉजिटिव आए हैं। अगर कांगड़ा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मुंबई से आई ट्रेन के सभी यात्रियों को सैंपल लेकर जांच करने का फैसला नहीं लिया होता तो एक साथ इतने मरीज आने की संभावना कम ही थी। 18 मई को ऊना रेलवे स्टेशन पर पहुंची इस ट्रेन में हिमाचल के विभिन्न जिलों के 694 लोग आए थे।
इसमें सबसे ज्यादा कांगड़ा जिले के 248 लोग शामिल थे। इन्हें परौर स्थित अस्थाई आईसोलेशन सेंटर में भर्ती किया गया था। स्वास्थ्य विभाग कांगड़ा ने सोमवार को 144 और मंगलवार को 104 लोगों के सैंपल लिए थे। इसमें 13 लोग कोरोना पॉजिटिव आए हैं, जबकि अभी मुंबई से आए लगभग 150 लोगों के सैंपलों के रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई कोरोना के रेड जोन में हैं। ऐसे में वहां से आई विशेष ट्रेन में आए लोगों कोरोना के चपेट में आने पर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या इस ट्रेन को लोगों को बैठने से पहले सैनिटाइज किया गया था या नहीं। इसके अलावा ट्रेन में मौजूद स्टाफ की पहले कोविड-19 का टेस्ट हुए था। ऐसे में स्वस्थ लोगों को ट्रेन में सफर करने के बाद कोरोना पॉजिटिव होने संदेह के घेरे में हैं।