दिल्ली मायके से लौटकर महिला परिवार के साथ बीते मंगलवार को कोविड टेस्ट करवाने के लिए पांवटा अस्पताल पहुंचीं थीं। इस दौरान महिला और उसकी बेटी का टेस्ट हो गया था लेकिन पति और बेटे का टेस्ट नहीं हो सका था। पांवटा नगर परिषद कमेटी के उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह मान का कहना है कि संक्रमित महिला का परिवार वार्ड-4 की हरिओम कॉलोनी में रहता है।
मायके से महिला 4 मई को लौटी थी, जिसके बाद परिवार को होम क्वारंटीन पर रखा गया था। महिला का पति गोंदपुर स्थित एक दवा इकाई में कार्यरत है। दिल्ली से पांवटा साहिब तक कितने लोग महिला के संपर्क में आए हैं, इसकी हिस्ट्री विभाग जुटा रहा है। बीएमओ राजपुर डॉ. अजय देयोल ने कहा कि संक्रमित महिला के परिवार के अन्य सदस्यों व पड़ोसियों के भी टेस्ट लेकर जांच को भेजे जाएंगे।
मां-बेटी के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद वार्ड-4 समेत वार्ड-3 के संत तेजा सिंह गुरुद्वारा तारुवाला से आदर्श कॉलोनी, छात्र रावमापा तारुवाला और नप कमेटी के वार्ड-13 के रोज आर्किड स्कूल तक के क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है। पांवटा से शिलाई एनएच-707 मार्ग के बद्रीपुर चौक से पांवटा नगर परिषद क्षेत्र के बद्रीपुर चौक से तारुवाला तक को भी कंटेनमेंट जोन में रखा गया है।
हरिओम कॉलोनी में संक्रमित महिला के आवास समेत पूरी कॉलोनी को सैनिटाइज करवाया गया है। वीरवार को एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कंटेनमेंट जोन में शामिल होने वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं व घरेलू सामान की व्यवस्था करने पर चर्चा हुई।
फैसला लिया गया कि बद्रीपुर चौक से तारुवाला तक एनएच किनारे केवल मेडिकल स्टोर को छोड़कर सभी दुकाने बंद रहेंगी। वर्मा ने बताया कि दिल्ली से लौटी महिला व उसकी बेटी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। दोनों को सराहां कोविड-19 अस्पताल भेज दिया गया है। कंटेनमेंट जोन चिह्नित कर सील कर दिए गए हैं।