शिमला जिले में कोरोना के 17 नए मामले आए हैं। इसमें आईजीएमसी के पुराने भवन स्थित प्रिंसिपल कार्यालय में तैनात एक चौकीदार भी पॉजिटिव पाया गया है। चौकीदार के पॉजिटिव आने से अस्पताल में हड़कंप मचा हुआ है। सोमवार सुबह कार्यालय को सैनिटाइज करवाया गया, इस कारण करीब एक घंटे देरी से कामकाज शुरू हुआ।आईजीएमसी प्राचार्य के कार्यालय के साथ ही डायरी डिस्पैच, स्टूडेंट सेक्शन, एस्टेब्लिशमेंट एंड अकाउंट्स ब्रांच भी है। इन सभी शाखाओं में करीब 60 से 70 कर्मचारी रोजाना ड्यूटी देते हैं। चौकीदार की रिपोर्ट देररात पॉजिटिव आई। कर्मचारियों को सोमवार सुबह इस बात का पता चला तो पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि पॉजिटिव व्यक्ति की किसी भी तरह की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है।
कर्मचारियों ने कॉलेज प्रबंधन से मांग की है कि इस व्यक्ति के संपर्क में आए अन्य कर्मचारियों के भी सैंपल लिए जाएं। इसके अलावा पैथोलॉजी विभाग में कार्यरत एक डॉक्टर भी पॉजिटिव आई है। यह डॉक्टर पूर्व में पॉजिटिव आए विभागाध्यक्ष की पत्नी हैं। मरीज के संपर्क में आने से एक नर्स भी पॉजिटिव निकली है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने मेडिसिन वार्ड में ड्यूटी देने वाले बाकी स्टाफ के सैंपल भी लिए हैं। केएनएच में भी डॉक्टर पॉजिटिव निकली है। इसके अलावा न्यू शिमला थाने का एएसआई और जिला अदालत के चार कर्मचारी भी पॉजिटिव निकले हैं। फ्लू ओपीडी में लिए सैंपलों में से चार पॉजिटिव पाए गए हैं। सीएमओ डॉ. सुरेखा चोपड़ा ने बताया कि पांच शिमला से और एक मामला रोहड़ू से पॉजिटिव आया है।
न्यू शिमला थाने में एक एएसआई की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद हड़कंप मचा रहा। लोगों की सुरक्षा के मद्देजनर थाने को लोगों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। इसके अलावा थाना प्रभारी समेत करीब एक दर्जन पुलिस कर्मियों को होम आईसोलेट कर दिया है। थाने में सैनिटाइज भी किया गया है। इसके बाद अधिकारी समेत कर्मचारियों ने अपने आप को होम आईसोलेट किया। प्रिंसिपल ऑफिस में ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों का कहना है कि यहां थर्मल स्कैनिंग नहीं हो रही। कोई भी व्यक्ति सीधे आफिस में प्रवेश कर जाता है। इसके चलते बाकी के स्टाफ में कोरोना फैलने का खतरा बढ़ गया है। पूर्व में कुछ दिन तक थर्मल स्कैनिंग होती रही अब बंद कर दी है।