कोरोना संक्रमण से उपमंडल रामपुर बुशहर के युवक की सोनीपत में मौत हो गई है। युवक दिल्ली की एक निजी कंपनी में काम करता था। जिला दंडाधिकारी अमित कश्यप ने इसकी पुष्टि की है। उपायुक्त ने बताया कि युवक का अंतिम संस्कार सोनीपत में ही उसके परिजनों की मौजूदगी में किया जाएगा।
एसडीएम रामपुर को निर्देश दिए हैं कि युवक के परिजनों को उसकी अंत्येष्टि में पहुंचाने की व्यवस्था करें। लॉकडाउन के बीच पिछले महीने युवक को बिना परमिशन परमाणु के पास प्रवेश करने से रोक दिया था। युवक को हल्का बुखार भी था। इसके बाद से युवक अपने एक रिश्तेदार के पास सोनीपत में रह रहा था। यहां वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इधर, मृतक के परिजन उसकी अंत्येष्टि के लिए रवाना हो गए हैं।
वहीं, विकास खंड नादौन के धनेटा की भदरुं पंचायत की महिला के कोरोना संक्रमित होने के बाद उसे कोविड केयर सेंटर पहुंचाने के लिए 18 घंटे लग गए। शुक्रवार शाम परिवार को इस बारे में जानकारी मिलने के बाद उसे शनिवार दोपहर बाद कोविड-19 केयर सेंटर हमीरपुर में शिफ्ट किया गया। शुक्रवार सायं जिला हमीरपुर की जिन दो महिलाओं के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिली थी, उनमें से धनेटा के पास भदरुं गांव की महिला भी थी। परिजनों को शुक्रवार शाम करीब 7:00 बजे जानकारी दी गई थी कि पीड़ित महिला को ले जाने के लिए एंबुलेंस थोड़ी देर में आ सकती है।
लेकिन, देर रात तक जब एंबुलेंस नहीं आई तो महिला घर पर ही सो गई। शनिवार सुबह से ही वे लोग फिर एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन रिपोर्ट आने के करीब 18 घंटे बाद शनिवार दोपहर करीब 2:00 बजे महिला को कोविड-19 अस्पताल में शिफ्ट किया गया। इससे पूर्व भी तालमेल की कमी से 15 कोरोना संक्रमितों को संस्थागत क्वारंटीन सेंटर से घर भेजने का मामला सुर्खियों में रहा है। कोरोना संक्रमित महिला 28 मई को गाजियाबाद से अपने पति, ढाई वर्ष की बच्ची और दो भतीजों के साथ घर पहुंची थी। इस संबंध में उपायुक्त हमीरपुर हरिकेश मीणा ने बताया कि लिखित सूचना देरी से मिलने के कारण विलंब हुआ।