हिमाचल के विभिन्न जिलों के सेब बगीचों में स्थानीय मजदूरों को ज्यादा काम मिलेगा। सरकार भी चाहती है कि लॉकडाउन के कारण रोजगार से वंचित प्रदेश के स्थानीय मजदूरों को काम के अधिक से अधिक अवसर मिल सकें। सेब सीजन में अब तक स्थानीय मजदूरों को कम काम मिलता था लेकिन अब स्थिति कुछ और है।
सेब सीजन के लिए नेपाल से मजदूरों के आने की उम्मीद कम ही है। पिछले कई दशकों से जिला शिमला में बागवान नेपाली मजदूरों की बेसब्री इंतजार करते हैं। नेपाल के मजदूर सड़क से हिमाचल पहुंचते रहे हैं लेकिन इस बार लॉकडाउन ने इनका रास्ता रोककर रखा है। कोरोना वायरस के संक्रमण रोकने के लिए दूसरे राज्यों से बसों की आवाजाही थमी हुई है। जबकि मार्च और अप्रैल तक नेपाली मजूदर बीगाचों में पहुंच जाते थे। इस बार ये हिमाचल नहीं पहुंच पाए हैं।
बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में सेब सीजन के लिए पर्याप्त संख्या में स्थानीय कामगार मौजूद हैं। लॉकडाउन के कारण कई कामगार हिमाचल भी लौटे हैं। उनका कहना है कि नेपाल की लेबर के बिना भी स्थानीय श्रमिकों से काम लिया जा सकता है। इस बार स्थानीय श्रमिकों को बगीचों में काम ज्यादा मिलेगा।