मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पीएम से मुख्यमंत्रियों की बैठक में कहा कि प्रदेश में 19 मार्च 2020 को कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था और जिला कांगड़ा में कर्फ्यू लगाया गया था। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे प्रदेश में 24 मार्च को कर्फ्यू लगाया गया। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जा रही है, जिससे लोगों को कर्फ्यू के दौरान किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के छह जिले ग्रीन जोन में हैं। इन जिलों में एक भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लॉकडाउन जारी रखने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि राज्यों को आर्थिक गतिविधियां शुरू करने विशेषकर ग्रीन जोन में आने वाले क्षेत्रों में गतिविधियां चलाने की मंजूरी दी जा रही है।
सीएम का दावा, हिमाचल में कोरोना वायरस का जांच अनुपात देश में सबसे ज्यादा
जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य में जांच अनुपात 700 प्रति 10 लाख व्यक्ति है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान एक विशेष अभियान है, जिसके तहत 70 लाख लोगों की इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी जांचने को 16 हजार कर्मचारियों के दल की ओर से जांच की जा चुकी है। इस काम में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पैरा मेडिकल स्टाफ और पुलिस कर्मचारी शामिल हैं। सभी इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी से ग्रस्त रोगियों की कोरोना जांच की जा रही है।