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हिमाचल सचिवालय की सुरक्षा में कोरोना वायरस की सेंध, उठने लगे सवाल

Thu, 23 Jul 2020 07:33 AM IST
Krishan Singh विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल सचिवालय को सैनिटाइज किया। - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश सचिवालय में कोरोना से बचाव के लिए किए गए सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल उठने लगे हैं। सचिवालय परिसर में प्रवेश से पहले सिर्फ सुबह के समय थर्मल स्कैनिंग ही होती है। इसके बाद भीतर जाने वालों की कोई जांच नहीं की जाती। यही स्थिति बुधवार को भी देखी गई। इस मसले को सचिवालय प्रशासन के ध्यान में अधिकारी और कर्मचारी समय-समय पर लाते रहे लेकिन, इस दिशा में आज दिन तक कोई कड़े और कारगर कदम नहीं उठाए गए। सचिवालय के गेट में तैनात सुरक्षा कर्मी अगर सचिवालय से बाहर के किसी व्यक्ति को रोकने का प्रयास करते हैं तो सचिवालय के अफसर और नेता झाड़ लगाने से गुरेज नहीं करते।

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ऐसी घटनाएं रोज घटित होती हैं। लिहाजा आज सचिवालय में जो कुछ घट रहा है, यह प्रशासन की कोताही ही कही जाएगी। पहली घटना तब घटी जब परिसर में भवन निर्माण करने वाले ठेकेदार ने बीस पेंटरों को क्वारंटीन कर दिया और किसी को भनक तक नहीं लगी। दूसरी घटना में जब सुरक्षा कर्मी ने किसी महिला अफसर के बेटे और उसके मित्र को गेट पर रोका तो यह अफसर सुरक्षा गार्डों पर दबाव बनाकर अपने दफ्तर तक ले गईं। सवाल उठ रहा है कि ऐसी स्थिति में सचिवालय प्रशासन कड़े कदम उठाने में संकोच क्यों करता रहा है। आज सचिवालय के हर अधिकारी और कर्मचारी में कोरोना के संक्रमण का भय व्याप्त है। 

सुरक्षा में खोट तभी पैदा हुई विकट स्थिति 
हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा कहते हैं कि सुरक्षा में खोट रहा है। अगर ऐसा न होता तो आज यह विकट स्थिति पैदा न होती। संघ के नेता एसएडी के सचिव देवेश कुमार ये गंभीर मामले उठाते रहे हैं परंतु समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए। बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगानी जरूरी है।

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