वहीं, हिमाचल सरकार ने दावा किया है कि हिमाचल में कोरोना वायरस के किसी भी संदिग्ध का सैंपल पॉजिटिव नहीं पाया गया है। प्रदेश के तीन संदिग्ध लोगों के सैंपल दिल्ली और पुणे की लैब में भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। इनमें दो मां-बेटी टांडा मेडिकल कॉलेज और एक आईजीएमसी शिमला में भर्ती था। इससे प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने भी राहत की सांस ली है। विभाग ने सरकारी दफ्तरों में बायोमीट्रिक हाजिरी पर रोक का सुझाव दिया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने लोगों को वर्तमान हालात को देखते हुए सामूहिक सभाओं में एकत्रित न होने की सलाह दी है। साथ ही अगर किसी ऐसी सभा का आयोजन किया गया हो तो विभाग के जारी दिशा-निर्देश को अपनाया जाए। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी महकमों को सलाह दी है कि वायरस के खतरे को देखते हुए 31 मार्च तक बायोमीट्रिक से उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को स्थगित करें। धीमान ने बताया कि प्रदेश के कुल 218 लोग ऐसे थे जो प्रभावित देशों से प्रदेश में आए थे।
ऐसे लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से वृहद गृह निगरानी में रखा गया था और 190 लोग 28 दिन की निगरानी अवधि पूरी कर चुके हैं और उनमें भी कोरोना वायरस संक्रमण नहीं पाया गया। उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि अगर वे 10 फरवरी से किसी भी वायरस प्रभावित देश का भ्रमण कर आए हैं तो अपने भ्रमण व कोरोना वायरस से संबंधित जानकारी के लिए 104 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इससे पहले शुक्रवार को भी भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने हिमाचल के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक कर हालात की समीक्षा की।