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संकट के सिपाही: दो साल की बच्ची को दादी के पास छोड़कर मैदान में डटी हैं मोनिका

Wed, 09 Jun 2021 10:28 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर

सार

 दरब्यार पंचायत के दारट गांव की रहने वाली मोनिका देवी के पति दीपक भी सरकारी नौकरी में हिमाचल प्रदेश तकनीकी विवि हमीरपुर में कार्यरत हैं। वह भी घर के काम में पत्नी की मदद करते हैं। 
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महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता मोनिका देवी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 कोरोना महामारी के दौरान कई लोगों ने घर परिवार से ऊपर अपने फर्ज को निभाया है। ऐसे ही उपस्वास्थ्य केंद्र पंजोत की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता मोनिका देवी ने किया है। मोनिका कोरोना काल के बीते सवा साल से बिना छुट्टी लिए लोगों के बीच में डटीं हैं। इस दौरान उन्होंने 2500 से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई है और लोगों को घर द्वार जाकर कोविड-19 के प्रति जागरूक भी किया है। यही नहीं उन्होंने अपने खुद के गांव के लोगों को समय समय पर कोविड के प्रति जागरूक किया और उसका परिणाम यह है कि उनके गांव में बीते सवा साल में एक भी मामला कोरोना संक्रमण का नहीं आया है। 

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दरब्यार पंचायत के दारट गांव की रहने वाली मोनिका देवी के पति दीपक भी सरकारी नौकरी में हिमाचल प्रदेश तकनीकी विवि हमीरपुर में कार्यरत हैं। वह भी घर के काम में पत्नी की मदद करते हैं। मोनिका ने कहा कि उनके परिवार ने उन्हें क्षेत्र के लोगों की निस्वार्थ सेवा करने के लिए प्रेरित किया है। उपस्वास्थ्य केंद्र के अधीन 7500 की आबादी है। बेटी एक साल की थी, जब कोरोना महामारी आई थी। उस समय से बेटी को उसकी दादी के पास छोड़कर ड्यूटी पर जाती हैं। सुबह और शाम ही बेटी से मिल पाती हैं। जब कोरोना चरम सीमा पर रहता है तो परिवार और बच्ची से कम ही मिलती हैं। मोनिका देवी वर्ष 2012 से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। 

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