उपनिदेशक डॉ. रमेश चंद
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हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में उपनिदेशक पद पर तैनात डॉ. रमेश चंद ने कोरोना संकटकाल में आज तक एक भी छुट्टी नहीं ली। प्रदेश में मार्च 2020 में कोरोना का पहला मामला सामने आया था। तब से लेकर आज तक वह दिन-रात लोगों की सेवा में लगे हैं। एक समय में स्वास्थ्य निदेशालय में 7 से ज्यादा कर्मचारी पॉजिटिव आ गए थे। निदेशालय का आधे से ज्यादा स्टाफ 7 दिन के लिए क्वारंटीन हो गया था, लेकिन डॉ. रमेश दफ्तर में ही डटे रहे।
उनके पास कोविड स्टोर का चार्ज भी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से दिन-रात 2 से 3 गाड़ियां कोरोना से बचाव से संबंधित सामग्री लाकर निदेशालय में पहुंचाई। प्रदेश में जब लॉकडाउन था तो उस समय गाड़ी से सामान उतारने के लिए लेबर नहीं मिलती थी, ऐसे में उन्होंने खुद गाड़ी से सामान उतारकर स्टोर में रखा। लॉकडाउन के दौरान जिला अस्पतालों के लिए सप्लाई किए जाने वाले सामान को वह लेबर न मिलने पर खुद लोड करते थे। स्वास्थ्य विभाग में उनके काम की मिसाल दी जाती है।
बेटी की भी कोविड सेंटर में लगाई ड्यूटी
डॉ. रमेश की बेटी क्षितिजा डॉक्टर हैं। उन्होंने अपनी बेटी की ड्यूटी भी कोविड सेंटर में लगाई। डॉ. रमेश इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में बतौर वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक सेवाएं दे चुके हैं। यहां भी वह मरीजों की सहायता करने के लिए तत्पर रहते थे।