कोरोना वायरस से बचने के लिए स्पीति की जनता ने बड़ा फैसला लिया है। 31 मार्च तक स्पीति जिला मुख्यालय के काजा स्थित किसी भी होटल और होम स्टे में पर्यटकों को नहीं ठहराया जाएगा। नेपाल से आने वाले मजदूरों को काजा में कोई काम नहीं दिया जाएगा। जो पर्यटक अभी काजा में ठहरे हैं, उन्हें तीन दिन के भीतर जाने को कहा है।
कोरोना वायरस के डर से स्थानीय लोग पर्यटन कारोबार तक को कुछ समय के लिए बंद करने को तैयार हो गए हैं। यह पहल फिलहाल स्पीति घाटी के मुख्यालय काजा में शुरू हुई है। कुछ दिन बाद पूरी घाटी में होटल और होम स्टे बंद किए जा सकते है। रविवार को इस सिलसिले में काजा मठ, होटल कारोबारी, होमस्टे संचालक और स्थानीय पंचायत की सर्वसम्मति के बाद यह निर्णय लिया गया है।
काजा होटल एसोसिएशन के महासचिव नरेंद्र राणा, काजा पंचायत प्रधान और जिप सदस्य ने बताया कि कोरोना वायरस के तेजी से पांव पसारने के बाद एहतियातन यह कदम उठाया गया है। राणा ने कहा कि हालांकि इस निर्णय से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को भारी आर्थिक नुकसान होगा। होटल निर्माण के लिए लोगों ने बैंकों से कर्ज ले रखा है।
लेकिन जब मामला स्वास्थ्य और इंसानी जिंदगी से जुड़ा है तो इसके लिए आर्थिक नुकसान उठाने में कोई दिक्कत नहीं है। पंचायत प्रधान ने कहा कि जो पर्यटक अभी काजा में ठहरे हैं, उन्हें तीन दिन के भीतर काजा छोड़ने को कहा गया है। कहा कि सभी होटलों और होमस्टे में ताला जड़ा जाएगा। एसडीएम काजा जीवन सिंह नेगी ने बताया कि प्रशासन जनता को जागरूक कर रहा है।