चीन में फैले कोरोना वायरस ने सूबे के फार्मा उद्योग को अपनी चपेट में ले लिया है। वायरस के प्रकोप के बाद से चीन से दवाओं के कच्चे माल की सप्लाई बंद हो गई है। अब देश की 45 फीसदी दवाओं का निर्माण करने वाले फार्मा हब बीबीएन (बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़) में 20 फीसदी कच्चे माल का स्टॉक खत्म हो गया है। दवा निर्माता आशंका जता रहे हैं कि अगर एक सप्ताह बाद भी चीन से कच्चा माल नहीं आया तो उत्पादन पर संकट आ सकता है। कई उद्योगों में उत्पादन ठप पड़ जाएगा।
इन दिनों उद्योग अपने पास स्टॉक कच्चे माल से ही काम चला रहे हैं। आने वाले समय में बीपी, शुगर, हार्ट, कैंसर समेत जीवनरक्षक दवाओं की बाजार में किल्लत हो सकती है। सूबे में करीब 750 फार्मा उद्योग हैं। यहां सालाना 30 हजार करोड़ का कारोबार होता है, जिसमें 15 हजार करोड़ की दवाओं का निर्यात किया जाता है। देश में दवा कंपनियों सहित बल्क ड्रग डीलरों के पास एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेटिएंट (एपीआई) का नाममात्र स्टॉक बचा हुआ है। मौजूदा समय में चीन से 67 तरह के एपीआई की आपूर्ति होती है।