चंबा मेडिकल कॉलेज की नेत्र ओपीडी में एक्स-रे फिल्म से फेस शील्ड बनाकर मरीजों की जांच करते डॉक्टर।
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मेडिकल कॉलेज चंबा में डॉक्टर तो पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन गंभीर नहीं हैं। डॉक्टरों को अपनी सुरक्षा के लिए जुगाड़ से काम चलाना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना सभी ओपीडी नियमित रूप से चल रही हैं।
दर्जनों मरीज चेकअप करवाने आ रहे हैं। डॉक्टरों को उनकी सुरक्षा के लिए फेस शील्ड उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं। इससे डॉक्टर मरीजों के सीधे संपर्क में आ रहे हैं। अगर ओपीडी में जांच के दौरान कोई कोरोना संक्रमित चेकअप करवाकर चला जाता है तो अनजाने में डॉक्टर भी संक्रमित हो सकता है।
संक्रमण से बचने के लिए नेत्र ओपीडी में डॉक्टरों ने पुराने एक्सरे फिल्म को चेहरे की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करने का जुगाड़ बनाया है। नेत्र ओपीडी में मरीजों की आंख चेक करने के लिए विशेषज्ञ को मरीज के बिलकुल नजदीक जाना पड़ता है। सुरक्षा के लिए डॉक्टरों को सिर्फ मास्क और ग्लब्स दिए गए हैं।
हालांकि, कोरोना की सैंपलिंग या जांच के दौरान डॉक्टरों को पूूरी सुरक्षा दी जा रही है, लेकिन रूटीन ओपीडी में फेस शील्ड की कमी खल रही है। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर राजेश गुलेरी ने बताया सभी चिकित्सकों को सुरक्षा के लिए एन-95 मास्क दिए गए हैं। अगर चिकित्सक फेस शील्ड की मांग करेंगे तो उसे पूरा करवाने के लिए सरकार व उच्चाधिकारी से बात की जाएगी।