अपनी ड्यूटी को अंजाम देने के लिए हिमाचल के एक एचपीएस अधिकारी सीओ चतुर्थ वाहिनी जंगलबैरी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। तीन माह पहले ही अधिकारी की जंगलबैरी में बतौर सीओ नियुक्ति हुई थी। एचपीएस अधिकारी मुख्यमंत्री के ही गृह जिले से हैं। पांवटा में ही ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित हो गए। अब इलाज के दौरान ही सरकार ने उन्हें स्थानांतरित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि एचपीएस अधिकारी वीरेंद्र ठाकुर पदोन्नत होकर इस वर्ष जून माह में ही चतुर्थ वाहिनी जंगलबैरी में बतौर कमांडेंट नियुक्त हुए थे। अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पण भावना को देखते हुए डीजीपी ने सीओ को मादक द्रव्य पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने का कार्य सौंपा। अपनी ड्यूटी को अंजाम देने के लिए सीओ चतुर्थ वाहिनी जंगलबैरी 3 अगस्त को जिला सिरमौर पहुंचे।
उस वक्त सिरमौर के नाहन में कोरोना का काफी मामले आ चुके थे। टीम ने बेहतर कार्य करते हुए पांवटा और कालाआंब में नशीले कैप्सूल, चरस समेत मादक द्रव्यों के मामले पकड़ना शुरू कर दिए। पांवटा में 6 अगस्त से कोरोना से तेज रफ्तार पकड़ ली थी। इस बीच सीओ वीरेंद्र ठाकुर उनकी टीम के एक निरीक्षक, वाहन चालक समेत टीम में शामिल 7 लोगों के साथ कोरोना संक्रमित हो गए।
इन दिनों सीओ और टीम के सभी संक्रमित कोविड-19 केयर सेंटर पांवटा बातामंडी में उपचारित हैं। सीओ की दो बार कोरोना फालोअप रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। ऐसे में जब अधिकारी और टीम के संक्रमित सदस्यों को सरकार व विभाग से प्रोत्साहन की जरूरत थी, सरकार ने अधिकारी को 3 माह के भीतर ही सीओ चतुर्थ वाहिनी जंगलबैरी के पद से स्थानांतरण कर कमांडेंट होमगार्ड कुल्लू तैनात कर दिया है। वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि उन्हें स्थानांतरण की सूचना मिल गई है। फिलहाल वह कोविड केयर सेंटर में उपचाराधीन हैं।
पांवटा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक चौधरी किरनेश जंग का कहना है कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। चहेते आईपीएस को उनकी मनपसंद पदों पर तैनात करने के लिए सीएम के अपने ही गृह जिले से ताल्लुक रखने वाले एक काबिल और कर्मठ एचपीएस अधिकारी का तबादला इसका ताजा उदाहरण है।