प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में अब कोरोना पॉजिटिव किडनी मरीजों का डायलिसिस ई ब्लॉक में किया जाएगा। अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में ही दो डायलिसिस मशीनों के अलावा 18 लाख का पोर्टेबल आरओ सिस्टम इंस्टॉल किया गया है।
इन सब उपकरणों के लगने के बाद शनिवार देर रात हमीरपुर की कोरोना वायरस पॉजिटिव महिला मरीज का डायलिसिस भी किया गया है। किडनी से पीड़ित इस महिला का पहली मर्तबा डायलिसिस हुआ है। आईजीएमसी में अब तक किडनी से पीड़ित कोरोना पॉजिटिव मरीजों को डायलिसिस करवाने के लिए नेफ्रोलॉजी विभाग लाया जाता था।
जिससे पॉजिटिव मरीजों से अन्य में भी बीमारी फैलने का खतरा अधिक रहता था। मरीज को अस्पताल परिसर से होकर विभाग में लाया जाता था और डायलिसिस पूरा होने के बाद दोबारा से उसे आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जाता था। जिस वजह से अस्पताल में करीब 24 घंटे तक रूटीन के डायलिसिस बंद कर दिए जाते थे। वहीं, मरीजों को अगली तारीख पर डायलिसिस करवाने के लिए आना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होगा।
अलग से होगा डायलिसिस
आईजीएमसी के प्राचार्य डॉक्टर रजनीश पठानिया ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में दो डायलिसिस मशीनों के अलावा 18 लाख से आरओ सिस्टम खरीदा गया है। ऐसे में अब कोविड पॉजिटिव किडनी मरीजों का डायलिसिस यहां पर अलग से होगा।