कैबिनेट बैठक के बाद जारी आदेशों में सरकार बहुत सी बातें स्पष्ट नहीं कर पाई है। सरकार ने कर्फ्यू के दौरान 50 फीसदी सवारियों के साथ अंतरराज्यीय और जिला स्तर पर बसें चलाने की मंजूरी दी है। यह स्पष्ट नहीं किया है कि जब कर्फ्यू में आवाजाही की अनुमति नहीं होगी तो इन बसों में कौन बैठेगा। बस में बैठने से पूर्व क्या उसे पूछा नहीं जाएगा। हालांकि, यह जरूर स्पष्ट किया गया है जो यात्री राज्य के भीतर आएंगे, उन्हें ई-पास लेकर आना होगा।
प्रदेश में सरकारी विभागों के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा। इसके लिए उन्हें अपने मुख्यालय नहीं छोड़ने होंगे। एक जिले से दूसरे जिले या राज्य से बाहर बसों में किस तरह की सवारियां जाएंगी। इस बारे में स्थिति साफ नहीं की गई है। जो सवारियां बसों में बैठेंगी, उन्हें कर्फ्यू के दौरान बसों तक आवाजाही के दौरान क्या रोका-टोका नहीं जाएगा। इस बारे में भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि, आदेश में यह लिखा गया है कि 50 प्रतिशत सवारियां बसों में परिवहन विभाग के एसओपी के अनुसार ही बैठेंगी।
आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खोलने की समय-सारणी डीसी तय करेंगे
आवश्यक वस्तुओं की दुकानें कब-कब खुलेंगी। इस बारे में उपायुक्त ही समय-सारणी जारी करेंगे। इसके लिए वे सरकारी आदेशों की अनुपालना को मद्देनजर रखेंगे। सभी तरह के बाजार, माल, परिसर, शराब की दुकानें आदि को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।