विदेशों में जहां कोरोना फिर से फैलना शुरू हो गया है वहीं शिमला शहर के स्वास्थ्य केंद्रों में कोरोना टीकाकरण बंद है। टीकाकरण बंद होने से केंद्रों से लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि वैक्सीन की सप्लाई न आने से टीकाकरण बंद कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) और आईजीएमसी में टीकाकरण केंद्र बनाए थे। इनमें डीडीयू अस्पताल में 12 से 14, 15 प्लस और 18 से अधिक आयु के लोगों को कोरोना की पहली, दूसरी और बूस्टर डोज लगाई जाती थी। लेकिन कुछ दिनों से यहां पर टीकाकरण बंद पड़ा है।
यहां जो लोग टीकाकरण करवाने आ रहे हैं, उन्हें यहां से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। सूत्रों का कहना है कि वैक्सीन की सप्लाई न आने से टीकाकरण नहीं किया जा रहा। आईजीएमसी में हालांकि 18 से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण चल रहा था लेकिन मंगलवार को वैक्सीन खत्म होने के बाद यहां भी बुधवार को टीकाकरण नहीं हो पाया। स्वास्थ्य विभाग जहां कोरोना को लेकर तैयारियां चुस्त दुरुस्त होने की बात कह रहा है वहीं वैक्सीन खत्म होना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। उधर इस बारे में अधिकारियों से बात करनी चाही लेकिन कोई भी कुछ कहने को तैयार नहीं
जिले में लोगों को लग चुकी है बूस्टर डोज
जिले में 18 साल से अधिक आयु के 1,74,992 लोगों ने बूस्टर डोज लगा ली है। 12 से 14 साल के बच्चों को कोर्बीवेक्स वैक्सीन लगाई जाती है। 15 साल से अधिक के बच्चों को कोवैक्सीन और 18 प्लस के लोगों को कोविड शील्ड वैक्सीन लगाई जा रही थी। जिले में बुधवार तक 12 से 14 साल के 30,374 ने पहली और 25,209 ने दूसरी डोज लगा ली है। इसके अलावा 15 प्लस में पहली 45,810 ने और 39,763 ने दूसरी डोज लगा ली है। सरकार को करवा दिया है अवगत स्वास्थ्य निदेशक व नेशनल हेल्थ मिशन के डिप्टी एमडी डॉ. गोपाल बेरी ने बताया कि कोविड शील्ड वैक्सीन को लेकर कमी है। इसको लेकर गर्वनमेंट ऑफ इंडिया को अवगत करवा दिया है।