स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तैयार किया है खेल मैदान
छह से ज्यादा वार्डों के युवाओं को मिलनी है सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के उपनगर संजौली में तैयार किए बहुउद्देशीय एसपीएम खेल मैदान में नगर निगम की ओर से शुल्क लगाने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। शहर के कई पूर्व पार्षदों समेत युवा संगठन निगम के इस फैसले के विरोध में उतर आए हैं।
नगर निगम की वित्त संविदा समिति ने वीरवार को पुलिस मैदान भराड़ी की तर्ज पर इस मैदान के रखरखाव के लिए न्यूनतम शुल्क तय करने को मंजूरी दी थी। यह शुल्क कितना होगा, इस पर अभी सदन में फैसला लिया जाना है। हालांकि इससे पहले ही शुल्क वसूलने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है।
लोगों का कहना है कि संजौली शहर का सबसे बड़ा उपनगर है। यहां पहले से ही युवाओं के लिए पर्याप्त खेल सुविधाएं और मैदान नहीं हैं, जिस स्थान पर यह मैदान बना है, वह शहर के छह से ज्यादा वार्डों का केंद्र बिंदु है। इन सभी वार्डों के युवाओं के लिए खेलने का एसपीएम खेल मैदान ही प्रमुख स्थान है। ऐसे में नगर निगम इस पर भी शुल्क लगाएगा तो युवा कहां जाएंगे। लोगों ने नगर निगम से शुल्क लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की है। अभी तक इस खेल मैदान में युवाओं को निशुल्क खेलने की सुविधा मिल रही है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत संजौली में इस खेल मैदान का निर्माण करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।
मैदान का उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। यहां खेल आयोजनों के लिए खुला मैदान तैयार किया गया है। इसमें वॉलीबाल, कबड्डी, बैडमिंटन समेत कई खेल खेले जा सकते हैं। यहां ओपन हॉल, रसोईघर और स्टेज जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जून में इस मैदान का शुभारंभ किया था।
किसने क्या कहा
मैंने स्मार्ट सिटी मिशन से बजट लाया था। क्षेत्र के युवाओं को उनकी मांग पर खेल सुविधाएं मुहैया करवाने के उद्देश्य से इसका निर्माण करवाया था। इस पर शुल्क लगाने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। यह स्थानीय पार्षद की भी नाकामी है। इस फैसले को नहीं माना जाएगा। सड़कों पर इसका विरोध होगा।
-आरती चौहान, जूडो खिलाड़ी एवं पूर्व पार्षद, इंजनघर
शुल्क का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण
शुल्क वसूलने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। शहर में पहले ही खेल मैदान नहीं हैं। वहीं शहर में जो एक-दो खेल मैदान हैं, नगर निगम उन पर भी शुल्क लगाकर उन्हें पैसों की उगाही का अड्डा बना रहा है। यह पांच से छह वार्डों के युवाओं का एकमात्र केंद्र बिंदु है। नगर निगम को शुल्क लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
-कपिल शर्मा, सांगटी निवासी
वापस लें फैसला
शहर में युवाओं के लिए खेलने की सुविधाएं पहले ही कम हैं। यह मैदान पांच से छह वार्डों के युवाओं के लिए बड़ी सुविधा है। नगर निगम को शुल्क लगाने का फैसला वापस लेना चाहिए।
-सत्यवान पुंडीर, समिट्री निवासी
मैदान को रखें निशुल्क
एसपीएम खेल मैदान में खेलने के लिए कोई शुल्क नहीं लगना चाहिए। मैदान को निशुल्क रखना चाहिए, ताकि हर युवा यहां आ सके। मैदान में शुल्क लगाना गलत फैसला है।
-दिव्यांशु, संजौली निवासी