वहीं, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोशी में हाथ न मिलाने व झटकने को लेकर सीएम जयराम व अनुराग के बीच हुई घटना पर चुटकी ली है। जारी बयान में अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा के नए अध्यक्ष का कार्यकाल धमकी से शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष को हाथ न मिलाने के वीडियो को वायरल करने पर एफआईआर दर्ज कराने जैसा बयान देने से पहले अपने नेताओं को आचरण सुधारने की शिक्षा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंच पर क्या हुआ, क्या नहीं हुआ, यह सब जनता ने देखा है और जनता ही निर्णय करती है। धमकी देकर बिंदल इस घटना पर मिट्टी नहीं डाल सकते।
उन्होंने कहा कि हाथ न मिलाना या फिर मिलाते हुए झटक देना, यह भाजपा का अंदरूनी मामला है। इससे हमें कुछ लेना-देना नहीं है। लेकिन जो घटना हुई है वह चर्चा में है और भाजपा अध्यक्ष बताएं किस-किस पर एफआईआर दर्ज करवाएंगे। जब से जयराम सरकार सत्ता में आई है, तब से एफआईआर दर्ज करने की धमकियां मिल रही हैं। बंजार के वीडियो मामले में कौन लोग थे। उस पर एफआईआर दर्ज करने की बात हुई। फिर पत्र बम कांगड़ा में निकला तो उस पर अपने ही भाजपा के वरिष्ठ नेता का मोबाइल जब्त हुआ, फिर एफआईआर की बात हुई। मुकेश ने कहा कि परागपुर में लोहड़ी उत्सव में वसूली का ऑडियो भी खूब वायरल हो रहा है। अब हाथ न मिलाने के वायरल वीडियो पर एफआईआर दर्ज करने की बातें हो रही हैं। अनेक ऐसे मसले इस सरकार में हो चुके हैं, जिसमें गलती भाजपा नेताओं की है और खामियाजा जनता को भुगतने की धमकियां दी जाती हैं।