चंबा के डीसी विवेक भाटिया का जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में भी विवादों से नाता रहा है। जनप्रतिनिधियों और जनता की अनदेखी के लिए पहले भी बदनाम रहे हैं। उस दौरान विवाद इतना बढ़ गया था कि तत्कालीन कांग्रेस विधायक रवि ठाकुर ने नाराज होकर विधायक पद से त्यागपत्र देने का सार्वजनिक एलान कर दिया था। पानी सिर से ऊपर जाता देख रवि ठाकुर डीसी भाटिया के मामले को हिमाचल विधानसभा की विशेष अधिकार समिति तक ले गए, जहां भाटिया को समिति के समक्ष रवि ठाकुर से माफी मांगनी पड़ी थी।
इसके बाद राज्य सरकार ने विवेक भाटिया को लाहौल-स्पीति के डीसी पद से हटा कर निदेशक भू-अभिलेख के पद पर तैनात कर दिया था। विवेक भाटिया पर आरोप थे कि वह एक चुने हुए जनप्रतिनिधि की बातों को अनसुना कर मनमर्जी करते रहे। इस कारण जनता में भारी रोष पनप गया। विधायक पर लोगों ने डीसी को बदलने का दबाव डाला।
रवि ठाकुर कहते हैं कि विवेक भाटिया से उनकी कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं है, लेकिन वह एक संवैधानिक पद पर चुने हुए जनप्रतिनिधि की बातों को जिस तरह अनसुना कर मनमर्जी पर उतर आए वह कतई स्वीकार्य नहीं था। लिहाजा, जनता के भारी दबाव के बीच रवि ठाकुर ने सरकार को चेतावनी भरे अंदाज में कहा था कि मेरा इस्तीफा लिया जाए या फिर डीसी को हटाओ। मामले को लेकर रवि ठाकुर ने बाकायदा विधायक पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर डाली।
रवि ठाकुर ने कहा कि उनसे माफी मांगने के बाद हिमाचल विधानसभा की विशेष अधिकार समिति ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वीरभद्र सरकार ने विवेक भाटिया को डीसी लाहौल-स्पीति के पद से तत्काल हटाना पड़ा था। बता दें कि चंबा में बहुउद्देशीय भवन की शिलान्यास पट्टिका में स्थानीय विधायक का नाम हटाकर अपना नाम जोड़ने के मामले में डीसी की सोशल मीडिया में भी खूब किरकिरी हो रही है।