हिमाचल ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश कुमार बिज ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो बाहरी राज्यों से बजरी और रेत हिमाचल लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ठेेकेदारों की मांगों पर विचार नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस मामले में कई उठाया गया, अधिकारियों से भी बैठकें हुई हैं, लेकिन आश्वासन ही दिया गया।
हिमाचल प्रदेश ठेकेदार यूनियन की हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन जारी रही। जिला स्तर पर अधिशाषी अभियंता कार्यालय के बाहर नारेबाजी की गई। इस दौरान अधिकारियों को मांग पत्र भी सौंपे गए। आगामी रणनीति के लिए बुधवार को यूनियन के पदाधिकारी शिमला पंचायत भवन में जुटेंगे। वर्तमान में प्रदेश में छोटे बड़े ठेकेदारों की संख्या 20 हजार बताई जा रही है। हिमाचल ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश कुमार बिज ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो बाहरी राज्यों से बजरी और रेत हिमाचल लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ठेेकेदारों की मांगों पर विचार नहीं कर रही है।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस मामले में कई उठाया गया, अधिकारियों से भी बैठकें हुई हैं, लेकिन आश्वासन ही दिया गया। सोमवार को भी मुख्यमंत्री ने मामले सुलझाने के लिए आश्वासन ही दिया है। ठेेकेदार सरकार से माइनिंग के नियमों मेें संशोधन कर सरलीकरण की मांग कर रहे हैं।क्रेशर में डब्ल्यू एक्स फ ार्म देने की सीमा तय की गई है। ठेकेदारों को यह फ ार्म नहीं मिल रहे हैं, जिससे लोक निर्माण और अन्य विभागों के पास करोड़ों की राशि फं सी हुई है। ठेकेदारों का एक जुलाई 2017 से पहले के कार्यों पर रिफं ड का मामला भी लटका है। इस कारण ठेकेदार हड़ताल पर है।