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अच्छी खबर! हिमाचल में अब कांट्रैक्ट सिस्टम के तहत नहीं होंगी नियुक्तियां

Fri, 31 Mar 2017 05:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश के सरकारी विभागों में नौकरियों में अनुबंध की प्रथा को धीरे-धीरे खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार विभागों में कांट्रैक्ट को कम करने जा रही है। उन्होंने साफ किया है कि पुलिस भर्तियां भी अनुबंध आधार पर नहीं होंगी। सभी पुलिसकर्मियों की नियमित नियुक्तियां होंगी।
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उन्होंने कहा कि कोई भी कर्मचारी अनुबंध आधार पर नहीं होगा। सीएम वीरभद्र सिंह सोमवार को राज्य विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2017-18 के वार्षिक बजट अनुमानों पर विपक्ष की ओर से लाए गए कटौती प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। विपक्ष के विधायकों ने

हिमाचल में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक न बताते हुए इस पर सदन में कटौती प्रस्ताव लाया। बाद में ये कटौती प्रस्ताव गिर गया। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों को अनुबंध पर रखने की प्रथा आज की नहीं है। यह पहले से ही चली आ रही है।
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2003-04 में शुरू की गई थी अनुबंध पर भर्ती
हिमाचल प्रदेश में अनुबंध पर सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रथा वर्ष 2003-04 में हो गई थी। शुरू में कर्मचारियों की तैनाती आठ साल के लिए की जाती रही। बाद में इस अवधि को घटाकर सात वर्ष और फिर पांच साल किया गया है। अब

कर्मचारियों के संगठन इस अवधि को खत्म कर तीन साल करने की मांग उठा रहे हैं। प्रदेश सरकार को अनुबंध कर्मचारियों को नियमित से कम वेतन और अन्य लाभ देने पड़ते हैं। अनुबंध नियुक्तियों के पीछे सरकार की आर्थिक हालत सही नहीं होने की दलील दी जाती है। प्रदेश में अनुबंध कर्मचारियों की संख्या हजारों में है।

सरकारी जमीन पर नहीं लगेंगे स्टोन क्रशर

हिमाचल में अब सरकारी जमीन पर स्टोन क्रशर नहीं लगेंगे। उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में यह जानकारी कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह गोमा की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी जमीन को ऑक्शन करेगी जबकि लीज पर जमीन दिए जाने का प्रावधान खत्म कर दिया गया है।

निजी भूमि पर क्रशर लगाए जा सकते हैं। कांग्रेस विधायक यादविंद्र गोमा ने पूछा कि 15 फरवरी 2017 तक जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत कितने स्टोन क्रशर लगे हैं और कितने बंद हुए हैं। उन्होंने अवैध खनन में पकड़े गए लोगों पर जुर्माने का ब्योरा मांगा था।

इस पर उद्योग मंत्री ने कहा कि जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत 7 स्टोन क्रशर लगाए गए और वर्तमान में 6 क्रशर चल रहे हैं। 1 क्रशर को खनन पट्टा न मिलने के कारण बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में 222 अवैध खनन के मामले पकड़े गए हैं। इसमें 162 मामले कंपाउंड किए गए और इनसे 8,54,920 जुर्माना राशि वसूल की गई।

एससी कंपोनेंट में नहीं रुकेगा सड़कों का काम: वीरभद्र

हिमाचल में एससी कंपोनेंट के तहत बनने वाली सड़कों के निर्माण कार्य में बजट की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। अगर इस वित्तीय वर्ष में सड़क निर्माण के कार्य में पैसे की कमी होती है तो अगले बजट में आधी अधूरी सड़कों के निर्माण के लिए राशि का प्रावधान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सोमवार को सदन में भाजपा विधायक जयराम ठाकुर की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एससी कंपोनेंट के तहत सड़क बनाने के लिए गांव में 40 फीसदी जनसंख्या एससी होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं है तो गांव में 90 परिवार एससी होने चाहिए।

सामाजिक कल्याण विभाग की ओर से सड़क निर्माण के लिए राशि जारी की जाती है। जयराम ने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्रों में वर्ष 2016-17 में 16 ऐसी सड़कें हैं जो एससी कंपोनेंट के तहत बननी हैं। इसके लिए 1 करोड़ 5 लाख की राशि जारी हुई है जबकि विभाग ने 32 लाख रुपये खर्च किए हैं। जवाब में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से देखा जाएगा।

नालागढ़ में बल्क ड्रग पार्क को सैद्धांतिक मंजूरी

उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार ने नालागढ़ में बल्क ड्रग पार्क लगाने को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके लिए नालागढ़ में 663.11 बीघा भूमि का चयन कर लिया गया है। लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से अभी स्वीकृति पत्र नहीं मिला है। उद्योग मंत्री ने विधायक कृष्ण लाल ठाकुर की तरफ से पूछे प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। 

उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने बद्दी दौरे के दौरान बल्क पार्क स्थापित करने का आश्वासन दिया था। प्रदेश सरकार ने नालागढ़ के समीप किरपालपुर व मझौली में भूमि चयनित की है। 663.11 बीघा भूमि को उद्योग विभाग के नाम करने का मामला उपायुक्त सोलन को भेजा गया है। भूमि के स्थानांतरण होने के बाद बल्क ड्रग पार्क के निर्माण का मामला केंद्र सरकार से उठाया जाएगा।

तकनीकी विवि प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण करेगा सीपीडब्ल्यूडी
हिमाचल तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर के प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण कार्य सीपीडब्ल्यूडी करेगा। पहले इस कार्य का जिम्मा लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया था लेकिन विभाग के यूजर चार्ज अधिक होने के कारण इसे सीपीडब्ल्यूडी को सौंपने का निर्णय लिया गया है। उद्योग मंत्री ने यह जानकारी तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली की गैर मौजूदगी में विधायक विजय अग्निहोत्री की तरफ से पूछे प्रश्न के उत्तर में दी। 

बीओडी की मंजूरी के बिना ही भारत भ्रमण पर गए सदस्य

विपक्ष लगातार प्रदेश सरकार पर निगम, बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर फिजूलखर्ची का आरोप लगा रहा है। हर मंच से भाजपा प्रदेश सरकार को इस मामले पर घेरती आ रही है। उधर एपीएमसी के सदस्य बिना बीओडी के ही भारत भ्रमण पर चले गए। इसमें कृषि उपज मंडी समिति कुल्लू व लाहौल स्पीति शिमला, किन्नौर, बिलासपुर और सोलन बीओडी सदस्य शामिल हैं। इन सदस्यों ने प्राधिकृत अधिकारी की अनुमति से बाहरी राज्यों की मंडियों का भ्रमण किया। 

यह जानकारी बहुउद्देश्यीय परियोजना एवं ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया ने भाजपा विधायक महेश्वर सिंह की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उतर में दी। पठानिया ने कहा कि बीओडी के सदस्यों के भ्रमण की रिपोर्ट हिमाचल सरकार को प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने पर ही उचित कार्रवाई की जाएगी। भाजपा विधायक महेश्वर सिंह ने अपने प्रश्न में बिना बीओडी की मंजूरी के बगैर एपीएमसी के सदस्यों के भारत भ्रमण और उन पर कार्रवाई संबंधित प्रश्न पूछा था।

एनएच, उच्च राज्यमार्ग से हटेंगी शराब की दुकानें,1 अप्रैल से होगी कार्रवाई

आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी - फोटो : File Photo
आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप एनएच के नजदीक आने वाली शराब की दुकानों पर अभी कार्रवाई नहीं की गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार जो शराब की दुकानें एनएच और उच्च मार्ग के नजदीक 500 मीटर के दायरे में हैं उन्हें 1 अप्रैल 2017 से बंद या फिर स्थानांतरित किया जाएगा। 

मंत्री प्रकाश चौधरी ने यह जानकारी भाजपा विधायक महेंद्र सिंह की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए शराब की दुकानों की नीलामी 291 यूनिटों को बनाकर की गई। इसकी नीलामी 962,27,54,091 करोड़ रुपये की धन राशि में की गई। इसमें 797,68,39,328 करोड़ की वसूली की गई है। 

टोल फ्री नंबर जारी होने पर दर्ज हुए 97 मामले
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों को पंजीकृत करने के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया है। इस नंबर के जारी होने के उपरांत 15 फरवरी, 2017 तक सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने विभिन्न थानों में 97 मामले पंजीकृत किए हैं।

इसमें वर्ष 2014 से लेकर वर्ष 2017 तक शिमला जिले में 10, सोलन में - 05, सिरमौर - 13, किन्नौर - 02, मंडी - 10, कुल्लू - 02, लाहौल स्पीति - 02, हमीरपुर - 10, बिलासपुर - 04, कांगड़ा - 21, ऊना - 11, चंबा जिले में 07 मामले दर्ज किए गए। सीएम ने यह जानकारी भाजपा विधायक गुलाब सिंह की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

इस वित्त वर्ष में किसी भी जिले में नहीं बनेगा सोलर एनर्जी पार्क

ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया ने कहा है कि केंद्र सरकार ने गत 3 वर्ष के दौरान सौर ऊर्जा दोहन के लिए 54,32,22,595 रुपये स्वीकृत किए हैं। उन्होंने यह जानकारी विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक किशोरी लाल, अनिरुद्ध सिंह और इंद्र सिंह की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी।

उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में किसी भी जिले में सौर ऊर्जा पार्क स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। विधायक किशोरी लाल यह जानना चाहते थे कि राज्य में अब तक सौर ऊर्जा से कितनी बिजली पैदा की गई है। वहीं विधायक इंद्र सिंह ने सोलर वाटर सिस्टम की पॉलिसी को विधानसभा में स्थिति स्पष्ट करने को कहा। 

विधायक अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में जमीन काफी है यहां सौर ऊर्जा पार्क बनाए जा सकते हैं। जबकि भाजपा विधायक महेश्वर सिंह ने अनुपूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि विधायक निधि से सोलर लाइटें लगाने के लिए पैसा खर्च किया जा सकता है।

सरकार की ओर से इसके लिए प्रावधान करना चाहिए। पठानिया ने कहा कि वह इस मामले को डिस्कस कर सकते हैं। इसके बाद यह मामला मुख्यमंत्री से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा पार्क लगाने के लिए यदि कसुम्पटी में जगह उपलब्ध होती है, तो निजी पार्टी की तरफ से इसमें रुचि दिखाने पर इसे विकसित किया जा सकता है।

शिलाई विधानसभा क्षेत्र में दूर होगी कम वोल्टेज समस्या
पठानिया ने विधायक बलदेव सिंह तोमर की तरफ से पूछे प्रश्न के उत्तर में बताया कि शिलाई विधानसभा क्षेत्र में कम वोल्टेज की समस्या शीघ्र दूर होगी। उन्होंने कहा कि गुदी मानपुर, शालियां, बटवार ककैनु तथा मुईनल बाग में कम वोल्टेज की

समस्या का समाधान 25 केवीए ट्रांसफार्मर लगाकर और 1 से 3 फेज किलोमीटर लाइन बनाकर दूर कर दिया गया है। इसी तरह गांव रनोई, डुमखेर, देवथल व लोजा मानल में कम वोल्टेज की समस्या को समाधान ट्रांसफार्मर लगाकर व लाइन बिछाकर पूरा कर दिया जाएगा।

फसल बीमा के तहत लाई गई 84,814 हेक्टेयर भूमि 
कृषि मंत्री ने विधायक गुलाब सिंह ठाकुर और नरेंद्र ठाकुर की ओर से पूछे प्रश्न के उत्तर में बताया कि 15 फरवरी, 2017 तक 84,814 हेक्टेयर भूमि को फसल बीमा के तहत लाया गया है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिला में 14,588 हेक्टेयर, कांगड़ा में

26,700, किन्नौर में 24 हेक्टेयर, कुल्लू में 83 हेक्टेयर, मंडी में 18,660 हेक्टेयर, शिमला में 187 हेक्टेयर, सिरमौर में 2,842 हेक्टेयर, सोलन में 3,410 और ऊना में 6,075 हेक्टेयर भूमि को फसल बीमा के तहत लाया गया है। कहा कि गंदम का बीमा 36 रुपये प्रति बीघा जबकि जौ की फसल का 30 रुपये प्रति बीघा के हिसाब से बीमा किया जा रहा है।

विकास कार्यों के लिए सरकार के नाम करनी होगी जमीन

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए लोगों को जमीन सरकार के नाम करानी होगी। यह इसलिए ताकि बाद में विकास कार्य को कराने में अड़चन पैदा न हो। मुख्यमंत्री जसवां प्रागपुर के विधायक बिक्रम सिंह की ओर से पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। विधायक बिक्रम सिंह ने पूछा कि पंचायतों में सोलर पार्क लगाने के लिए पहले लोगों से शपथ पत्र लिए थे, इसी के आधार पर कार्य का निर्माण होना चाहिए। लेकिन अब जमीन की रजिस्ट्री विभाग के नाम करवाने की अधिसूचना जारी की गई है। 

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार अधिसूचना वापस लेने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि हिम ऊर्जा को जो भी प्रस्ताव आते हैं, वह पंचायत के माध्यम से आते हैं। केंद्रीय नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजा जाता है।

केंद्र ने जितनी लाइटें मंजूर की हैं, वो पंचायतों में लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि अंशदान जमा कराने के एक दो महीने बाद पंचायतों को लाइटें दी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिम ऊर्जा की ओर से वर्ष 2015-16 में 11,500 सोलर लाइटें और 2016-17 में 15000 लाइटें स्थापित की जा चुकी हैं।
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चंडीगढ़ मेट्रो से बद्दी को जोड़ने का नहीं है प्रस्ताव: सीएम

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ मेट्रो से बद्दी को जोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इसकी कोई डीपीआर तैयार नहीं की जा रही है। सीएम ने यह जानकारी कांग्रेस विधायक राम कुमार की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। बद्दी को मेट्रो से

जोड़ने के लिए केंद्र को लिखे गए पत्र के जवाब में सीएम ने कहा कि शहरी विकास मंत्रालय ने हिमाचल सरकार को 17 मार्च, 2017 को सूचित किया कि चंडीगढ़ प्रशासन ग्रेटर चंडीगढ़ रीजन के लिए प्रस्तावित मेट्रो प्रोजेक्ट की डीपीआर ऑब्जेक्शन सहित मार्च 2016 को लौटा दी है। लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन से इस बारे उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है। 
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