हिमाचल प्रदेश सरकार अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की समय सीमा छह साल से घटाकर पांच साल कर सकती है। इसकी घोषणा आने वाले बजट सत्र में हो सकती है। कार्मिक विभाग की ओर से इसका ब्योरा मंगाया जा चुका है। राज्य में अभी तक अनुबंध कर्मियों को छह साल की सेवा पूरी करने पर ही नियमित करने का प्रावधान है।
कांग्रेस ने 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में यह उल्लेख किया था कि अनुबंध कर्मचारियों को पांच साल के बाद ही नियमित किया जाएगा। पार्टी के घोषणा पत्र के अनुसार अब हिमाचल सरकार आगामी बजट में इसका प्रावधान करने का मन बना चुकी है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी बीते दिन धर्मशाला में कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान इसके संकेत दे चुके हैं।